लखीमपुर-खीरी: विशेषज्ञ की रिपोर्ट के इंतजार में दम तोड़ रही दीपक हत्याकांड की जांच
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। थाना क्षेत्र के गांव सिंगहा खुर्द निवासी दीपक मिश्र की हत्या मामले में पुलिस की जांच हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए विवेचक ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से राय मांगी है। पुलिस का कहना है कि 15 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन …
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। थाना क्षेत्र के गांव सिंगहा खुर्द निवासी दीपक मिश्र की हत्या मामले में पुलिस की जांच हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए विवेचक ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से राय मांगी है। पुलिस का कहना है कि 15 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी उसे रिपोर्ट नहीं मिली है। इससे दीपक हत्याकाण्ड पुलिस की केस डायरी में दम तोड़ता दिख रहा है। अहम बात यह है की इस घटना से जुड़े अहम पहलुओं पर पुलिस कोई खास जोर नहीं दे रही है, जो इस मामले को सुलझाने में अहम साबित हो सकते हैं।
थाना सिंगाही के गांव सिंगहा खुर्द निवासी राजकिशोर का इकलौता पुत्र अपनी साली की शादी में थाना फरधान के गांव बौठा गया था, जहां से वह पांच मई को घर के लिए निकला था, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। उसका 14 मई को शव थाना फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नहर में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट लगने से मौत होने की बात कही गई थी।
मृतक के पिता ने बेटे की पत्नी, ससुर और साले पर हत्या करने की रिपोर्ट थाना सिंगाही में दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि दीपक के ससुराल वालों ने उन्हें बताया था कि साला अंचल दीपक को बाइक से सुबह दस बजे लखीमपुर स्थित तिकुनिया बस अड्डे पर छोड़ गया था, लेकिन दीपक को तिकुनियां बस अड्डे पर छोड़ने के कोई पुष्टि नहीं हुई है।
सिंगाही पुलिस ने मृतक की पत्नी, ससुर और साले को सिंगाही बुलाकर पूछताछ भी की थी। पुलिस की कहानी में दीपक की मौत हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी है। विवेचक एसओ राजकुमार सरोज का कहना है कि नदियों और नालों में बड़ी जड़ें होती हैं। इससे भी सिर पर गंभीर चोट लग सकती है। इसलिए उन्होंने एक्सपर्ट की राय जानने के लिए रिपोर्ट लखनऊ भेजी है, लेकिन 15 दिन बीत गए हैं, अभी पुलिस को रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने पर ही जांच का दायरा आगे बढ़ सकेगा।
सवाल यह उठता है कि पुलिस इसके अलावा भी घटना से जुड़े अन्य पहलुअों को खंगालने की जरूरत क्यों नहीं समझ रही है। मसलन अंचल अपने बहनोई दीपक को बाइक से तिकुनिया बस अड्डे पर छोड़ने लखीमपुर आया तो दीपक किस बस पर बैठा या नहीं। वह किस रास्ते से लखीमपुर आया। आया भी या नहीं।। इसकी पुष्टि सीसीटीवी कैमरे खंगाले से हो सकती थी, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। मृतक का मोबाइल चार मई की शाम से ही बंद था। उसकी आखिरी लोकेशन बौठा गांव में थी।
दीपक के पिता राजकिशोर ने पांच मई की सुबह करीब आठ बजे जब दीपक के मोबाइल पर कॉल की तो वह स्विच ऑफ था। पत्नी के मोबाइल पर कॉल की तो उसने यह कहकर बात नहीं कराई की दीपक सो रहा है। यदि सो रहा था तो उसके उठने पर बात करानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आखिर क्यों? ऐसे तमाम सवाल है जिनका जवाब पुलिस अभी तक नहीं तलाश सकी है। इन सवालों के जवाब दीपक मिश्र की हत्या की गुत्थी सुलझाने में काफी अहम साबित होंगे।
मुख्यमंत्री व डीजीपी से मिला दीपक का पिता
इकलौते पुत्र की हत्या से टूट चुके राजकिशोर मिश्र मुख्यमंत्री और डीजीपी से मिले। उन्होंने शिकायती पत्र देकर पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस राजनीतिक दबाव में आकर आरोपियों को संरक्षण देकर बचा रही है। इसलिए आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उनके केस की विवेचना भी काफी धीमी गति से की जा रही है। दो महीने बीत चुके हैं, इसके बाद भी पुलिस की कार्रवाई अभी तक शून्य है।
हत्यारोपी परिवार वालों पर बना रहे समझौते का दबाव
मृतक के पिता राजकिशोर मिश्र ने बताया कि हत्यारोपी उस पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। समझौता न करने पर धमकियां भी दे रहे हैं। इससे वह और उनकी पत्नी दहशत में हैं।
पानी में गिरने से भी चोट लग सकती है। इसलिए हत्या है या आत्महत्या, इसको को लेकर संदेह है। एक्सपर्ट को रिपोर्ट देकर राय मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में जांच आगे बढ़ सकेगी—राजकुमार सरोज, एसओ सिंगाही।
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