जर्मनी ने की गैस इमरजेंसी प्लान के दूसरे चरण की घोषणा, कहा- स्थिति गंभीर

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बर्लिन। नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन के जरिए रूसी गैस की आपूर्ति क्षमता 40 प्रतिशत तक कम होने के बाद, जर्मनी सरकार ने देश के नेशनल गैस इमरजेंसी प्लान के दूसरे चरण की घोषणा कर दी है। आर्थिक मामलों और जलवायु कार्रवाई मंत्री रॉबर्ट हेबेक ने गुरुवार को गैस आपूर्ति में कटौती को आर्थिक हमला करार …

बर्लिन। नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन के जरिए रूसी गैस की आपूर्ति क्षमता 40 प्रतिशत तक कम होने के बाद, जर्मनी सरकार ने देश के नेशनल गैस इमरजेंसी प्लान के दूसरे चरण की घोषणा कर दी है। आर्थिक मामलों और जलवायु कार्रवाई मंत्री रॉबर्ट हेबेक ने गुरुवार को गैस आपूर्ति में कटौती को आर्थिक हमला करार दिया और कहा, ‘स्थिति गंभीर है।’

हैबेक ने कहा, हालांकि पिछले साल की तुलना में जर्मनी के गैस भंडारण सुविधाओं को काफी हद तक भर दिया गया है, लेकिन सर्दियों से पहले भंडारण स्तर को अतिरिक्त उपायों के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी ने मार्च में अपनी तीन-चरणीय इमरजेंसी प्लान के पहले चरण की घोषणा की।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण जर्मनी में मई में महंगाई दर 7.9 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह दर 1973-1974 के बाद से सबसे उच्चतम स्तर पर है। हैबेक के मुताबिक, “गैस की कीमतों में और बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसके चलते औद्योगिक उत्पादन प्रभावित होगा और कई उपभोक्ताओं पर भारी बोझ पड़ेगा।”

उपभोक्ताओं और कंपनियों पर बढ़ती ऊर्जा कीमतों के प्रभावों को कम करने के लिए, जर्मन सरकार ने पहले ही कई उपाय अपनाए हुए हैं, जिनमें बेसिक टैक्स-फ्री अलाउंस में बढ़ोतरी, लंबी दूरी के यात्रियों के लिए ज्यादा माइलेज अलाउंस, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए डिस्काउंट टिकट और फ्यूल टैक्स में कटौती शामिल हैं। हेबेक ने कहा, “हम गैस संकट का सामना कर रहे हैं। गैस दुर्लभ होती जा रही है।”

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