मुरादाबाद : बांदा विकास प्राधिकरण का जेई ठगी के आरोप में गिरफ्तार
मुरादाबाद,अमृत विचार। भूखंड आवंटन के नाम पर लाखों की ठगी करने के आरोपी बांदा विकास प्राधिकरण के एक जेई को शुक्रवार को मुरादाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने आरोपी जेई को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। जेई की गिरफ्तारी से मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में खलबली मच गई है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र …
मुरादाबाद,अमृत विचार। भूखंड आवंटन के नाम पर लाखों की ठगी करने के आरोपी बांदा विकास प्राधिकरण के एक जेई को शुक्रवार को मुरादाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने आरोपी जेई को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। जेई की गिरफ्तारी से मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में खलबली मच गई है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मधुर विहार कॉलोनी निवासी गौरव मल्होत्रा ने जनवरी माह में पुलिस को तहरीर दी। वह शिल्पा श्री हैंडीक्राफ्ट फर्म के संचालक हैं। नवंबर 2018 में मुगलपुरा निवासी इकबाल हुसैन के साथ हुआ अपने मित्र सिद्धांत निवासी नवीन नगर के घर पहुंचे। सिद्धांत के घर पर पहले से ही एक व्यक्ति मौजूद था। मित्र ने उस व्यक्ति का परिचय राजेंद्र राव के रूप में कराया। पता चला कि राजेंद्र राव मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में जेई के पद पर कार्यरत हैं। बातचीत में राजेंद्र राव ने कहा कि वह विकास प्राधिकरण से निर्धारित रेट पर प्लाट व भवन आवंटित करा सकते हैं।
जेई ने बताया कि प्राधिकरण के पास फिलहाल एक भूखंड रामगंगा विहार फेज एक तथा दो भवन दीनदयाल नगर में उपलब्ध हैं। गौरव ने यह जानकारी अपने पिता को दी। दोनों के बीच सहमत बनी की भूखंड व दोनों भवन वह विकास प्राधिकरण से क्रय करेंगे। पिता पुत्र ने जेई से मुलाकात की। सिद्धांत के घर बुलाकर जेई को अग्रिम धनराशि 12 लाख रुपए दी गई। रुपए पाने के बाद जेई कागजी कोरम पूरा किया। कागजात पर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण थी मोहर भी लगी थी। इस बीच राजेंद्र राव ने छह लाख रुपए की और डिमांड की। चेक द्वारा दी गई रकम 28 फरवरी 2019 को कैश करा ली गई। 18 लाख गरुपये के भुगतान बाद भी गौरव मोलहोत्रा को न तो भूखंड मिला और न ही भवन।
पीड़ितों ने जेई से जब तगादा तो वह गुमराह करने लगा। जेई ने हर हाल में 15 जनवरी 2021 तक प्लाट व भवन आवंटित कराने का आश्वासन दिया। अचल संपत्ति ना मिलने की दशा में आरोपी ने बैंक ब्याज की दर से पूरी रकम वापस करने तक का दावा किया। संबंधित समझौता पत्र स्टांप पर लिखा गया। घटना से संबंधित जेई का वीडियो फुटेज भी पीड़ित ने तैयार कर लिया। इस बीच आरोपी जेई का तबादला वादा हो गया। पीड़ित को फिर भी न प्लॉट मिलाना ही रकम। तब उसने जेई के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस को तहरीर दी। आरोपी जेई के खिलाफ धोखाधड़ी व ठगी का अभियोग पंजीकृत करते हुए पुलिस उसकी तलाश में जुटी। मुकदमा दर्ज होने के पांच माह बाद शुक्रवार को पुलिस ने जेई को गिरफ्तार कर लिया।
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