बरेली: डिप्टी सीएम ने काला दिवस के मंच से कांग्रेस-सपा को परिवारवाद पर घेरा
बरेली, अमृत विचार। आपातकाल के दिन को काला दिवस मनाने को लेकर हुई गोष्ठी के मंच से उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता पर काबिज रहने के लिए संविधान को कुचलकर देश में आपातकाल लगाया और हजारों बेकसूर लोगों को जेल में बंद कर दिया था। लोकतंत्र सेनानियों ने संविधान की रक्षा की …
बरेली, अमृत विचार। आपातकाल के दिन को काला दिवस मनाने को लेकर हुई गोष्ठी के मंच से उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता पर काबिज रहने के लिए संविधान को कुचलकर देश में आपातकाल लगाया और हजारों बेकसूर लोगों को जेल में बंद कर दिया था। लोकतंत्र सेनानियों ने संविधान की रक्षा की और पुन: लोकतंत्र की स्थापना हुई, इसलिए काला दिवस के मौके पर लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने आए हैं।
शनिवार को आईएमए हाल में आयोजित कार्यक्रम में बृजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस ने आजादी के लिए संघर्ष करने वाले गांधीजी के नाम को अपने आगे जोड़कर दशकों तक देशवासियों को गुमराह कर सत्ता चलाई। उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस को परिवारवाद के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू हुआ, तब लोकतंत्र को बचाने के लिए लोकतंत्र सेनानियों ने संघर्ष किया। वर्तमान में लोकतंत्र मजबूत स्थिति में है।
कांग्रेस और सहयोगी दलों को वर्तमान में लोकतंत्र से कोई मतलब नहीं। लोकतंत्र सेनानियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है। लोकतंत्र सेनानियों के रक्त का कर्ज हमेशा याद रखा जाएगा। इससे पहले पहले लोकतंत्र सेनानी वीरेंद्र अटल ने जेल में डालने के दौरान की पीड़ा बताते हुए उस दौर में लोकतंत्र को कुचलने के साथ आवाज उठाने वालों के साथ क्रूरता दिखाने की तस्वीर सभी के सामने बयां की।
मुगलों की तरह अखिलेश ने पिता को हटाकर पार्टी कब्जाई
बृजेश पाठक ने कहा कि पहले समाजवादी जनता पार्टी थी। वर्तमान में सपा एक परिवार की पार्टी है। बात पुरानी है। लखनऊ में सम्मेलन चल रहा था। मुलायम सिंह ने समाजवादी जनता पार्टी से जनता हटाकर समाजवादी पार्टी बनाई थी। पहले मुगलों के किस्सों में सुना जाता था कि बेटों ने पिता को हटाकर गद्दी कब्जा ली लेकिन यह सपा में हम सभी ने देखा। सपा और कांग्रेस दोनों परिवारवाद को बढ़ावा दे रही हैं। इनके यहां अध्यक्ष इन्हीं के खानदान से बना और बनता रहेगा लेकिन भाजपा में ऐसा नहीं। बूथ अध्यक्ष भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है। वर्तमान में प्रदेश अध्यक्ष कौन बनेगा यह यहां मंच पर बैठे वरिष्ठ नेता भी नहीं जानते हैं।
मंच पर फैली अव्यवस्था तो गेट पर धक्का-मुक्की के बीच गुजरे बृजेश पाठक
आईएमए हाल में मंच पर जमकर अव्यवस्था नजर आई। कार्यक्रम के बीच में मंच से बृजेश पाठक का स्वागत करने के लिए दर्जनों नेताओं को आमंत्रित कर दिया। इससे मंच पर भीड़भाड़ बढ़ गई। महिला मोर्चा की कुछ महिलाएं मंच से सेल्फी लेने लगीं। उन्हें टोका गया लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं। बाद में लोकतंत्र सेनानियों के स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में मंच पर लोग चढ़ गए। इससे वहां धक्का-मुक्की जैसे हालात हो गए। आयोजक और भाजपा जिलाध्यक्ष पवन शर्मा कार्यकर्ताओं को मंच से उतरने के लिए कहते रहे लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। सुरक्षा को लेकर उप मुख्यमंत्री के सुरक्षा कर्मी और पुलिस भी परेशान दिखी। बाद में सर्किट हाउस जाने के दौरान गेट पर हुई धक्का-मुक्की के बीच से बृजेश पाठक को भी गुजरना पड़ा।
76 लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को सम्मानित किया
उपमुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार ने 76 लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। इसमें बृजेश पाठक ने संतोष गंगवार को भी सम्मानित किया। वीरेंद्र अटल,गेंदन लाल, सुरेंद्र कुमार, जगदीश प्रसाद, लेखराज, लीलाधर, दयाराम, ओमप्रकाश आर्य, वीरेंद्र कुमार, दीनदयाल शर्मा, विद्याराम, बाबूराम, कृष्ण बलराम, सतीश कुमार, महेश चंद्र सक्सेना, मुरारी लाल आदि शामिल थे।
ये विधायक व पार्टी पदाधिकारी रहे मौजूद
विधायक संजीव अग्रवाल, विधायक डा राघवेंद्र शर्मा, बदायूं विधायक महेश चंद्र गुप्ता, महापौर डा उमेश गौतम, जिला अध्यक्ष पवन शर्मा, वीर सिंह पाल, कार्यक्रम संयोजक विष्णु शर्मा, देवेंद्र जोशी, बंटी ठाकुर, प्रभु दयाल लोधी, अतुल कपूर, शिव प्रताप सिंह, राहुल साहू ,अमरीश कठेरिया, डॉ तृप्ति गुप्ता, सोनू कालरा, अभय चौहान, अमन सक्सेना, आईएमए अध्यक्ष डा विमल भारद्वाज, डॉ पंकज गंगवार, सोमपाल शर्मा, निर्भय गुर्जर, मेघनाथ सिंह कठेरिया, अंकित माहेश्वरी, अजय सक्सेना, अंकित शुक्ला, डा मनोज गुप्ता, मुकेश राजपूत आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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