बरेली: भ्रष्टाचार में फंसे तहसीलदार शेर बहादुर की 50 दिन बाद फरीदपुर में तैनाती

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। 5 लाख रुपये मांगने और 1.80 लाख रुपये की अर्दली द्वारा रिश्वत लेकर पांच-पांच सौ के नोट गिनने का वीडियो वायरल होने पर बरेली से लेकर लखनऊ तक प्रशासन जमकर किरकिरी हुई। दो दिन तक कार्रवाई न होने पर शासन स्तर से सख्ती की गई तो तहसीलदार शेर बहादुर सिंह और अर्दली …

बरेली, अमृत विचार। 5 लाख रुपये मांगने और 1.80 लाख रुपये की अर्दली द्वारा रिश्वत लेकर पांच-पांच सौ के नोट गिनने का वीडियो वायरल होने पर बरेली से लेकर लखनऊ तक प्रशासन जमकर किरकिरी हुई। दो दिन तक कार्रवाई न होने पर शासन स्तर से सख्ती की गई तो तहसीलदार शेर बहादुर सिंह और अर्दली अबरार के विरुद्ध कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अब चर्चा है कि तहसीलदार को आईएएस लॉबी बचा ले गई।

तहसीलदार सदर के पद से हटाकर कलेक्ट्रेट से संबद्ध किए शेर बहादुर सिंह को 50 दिन के बाद नई तैनाती दी गई। जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी ने शेर बहादुर सिंह को फरीदपुर तहसीलदार बनाया है। यह तैनाती पुलिस जांच होने के दौरान दी गई है। जबकि तहसीलदार के विरुद्ध दर्ज रिपोर्ट की विवेचना सीओ प्रथम श्वेता यादव कर रही हैं।

इसमें विभागीय जांच एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र भी कर रहे हैं। इतने संगीन मामले में नामजद तहसीलदार की तैनाती को लेकर सोमवार को दिनभर कलेक्ट्रेट के बाबुओं में चर्चाएं चलती रहीं। बाबू कहते नजर आए कि इस कांड में अर्दली भेंट चढ़ गया और तहसीलदार बच गए। अर्दली जल्द सेवानिवृत्त होने वाला था। निलंबन से उसे बहुत नुकसान झेलना पड़ेगा।

यह था पूरा मामला
5 मई को तहसीलदार सदर के केबिन और गेट पर मारपीट हुई। इसमें प्रदीप कुमार नाम के व्यक्ति पर सरकारी कागजात फाड़ने और मारपीट समेत धमकाने का आरोप लगा। तहसीलदार शेर बहादुर सिंह की ओर से कोतवाली में रिपोर्ट कराई गई। पुलिस ने प्रदीप कुमार को हिरासत में ले लिया था। उसी दिन प्रदीप ने पुलिस को रिश्वत लेने का वीडियो दिया, जिसमें तहसीलदार सदर का अर्दली अबरार पांच-पांच सौ रुपये के नोट गिन रहा था। वीडियो तहसीलदार के आवास का बताया गया।

इसमें प्रदीप के परिचित गायत्री नगर वीर सावरकर नगर निवासी वीरेंद्र सिंह बिष्ट की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई। तत्कालीन तहसीलदार सदर शेर बहादुर सिंह पर भूमि का गाटा संख्या सही करने के एवज में 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और अर्दली अबरार के जरिए 25 अप्रैल को रिश्वत में 1.80 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने 7 मई की देर रात तहसीलदार शेर बहादुर सिंह और अर्दली के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि, एक दिन पहले डीएम ने शेर बहादुर को तहसीलदार सदर पद से हटाकर अर्दली को निलंबित कर दिया था।

तहसीलदार शेर बहादुर और अर्दली अबरार के विरुद्ध भ्रष्टाचार में दर्ज मामले की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो में अर्दली के नोट गिनने वाली जगह को तस्दीक करने के लिए तहसीलदार सदर के आवास का निरीक्षण किया गया। बयान दर्ज किए जा रहे हैं—श्वेता यादव, विवेचक/सीओ प्रथम।

रिश्वत प्रकरण में आरोपी प्रदीप के दर्ज होंंगे बयान
रिश्वत में 1.80 लाख देने के मामले में आरोपी प्रदीप कुमार के बयान दर्ज होंगे। एसडीएम सदर की ओर से प्रदीप को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया गया। बीते शनिवार को प्रदीप बयान दर्ज कराने के लिए तहसील सदर गया, लेकिन एसडीएम सदर के वीआईपी ड्यूटी में होने से उसके बयान दर्ज नहीं हो सके। अब उसे दोबारा से बयान दर्ज कराने को बुलाया जाएगा। इसमें एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र विभागीय जांच कर रहे हैं।

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