बहराइच : डायना और गंगाकली की मेहनत हुई सफल, पिंजड़े में कैद हुआ बाघ, बाघिन फरार

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बहराइच, अमृत विचार। कतर्नियाघाट सीमा पर मंगलवार सुबह एक बाघ पिंजड़े में कैद हो गया। जबकि बाघिन मौके से फरार हो गई। बाघ को रेंज कार्यालय कतर्नियाघाट लाया गया। यहां स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। बाघ को पकड़ने के लिए हथिनी डायना, गंगाकली के अलावा चार टीम लगी हुई थी। मुख्य वन संरक्षक स्वयं बाघ और बाघिन …

बहराइच, अमृत विचार। कतर्नियाघाट सीमा पर मंगलवार सुबह एक बाघ पिंजड़े में कैद हो गया। जबकि बाघिन मौके से फरार हो गई। बाघ को रेंज कार्यालय कतर्नियाघाट लाया गया। यहां स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। बाघ को पकड़ने के लिए हथिनी डायना, गंगाकली के अलावा चार टीम लगी हुई थी। मुख्य वन संरक्षक स्वयं बाघ और बाघिन के विचरण पर नजर रख रहे थे। पकड़े गए बाघ को वन विभाग लखनऊ चिड़िया घर में भेजेगा।

गौरतलब है कि कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की सीमा से सटे मझरा बीट में लगभग 15 दिन से बाघ कई लोगों को निवाला बना रहा था। अभी सोमवार को भी एक महिला को मारकर खा गया। इनमें दो बहराइच और तीन लोग लखीमपुर जनपद के शामिल हैं। बाघ और बाघिन के क्षेत्र में लोगों को निवाला बनाने के चलते वन विभाग भी बेबस नजर आ रहा था। मुख्य वन संरक्षक कमलेश कुमार ने फील्ड डायरेक्टर को बाघ को पकड़ने के निर्देश दिए। फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से हथिनी जयमाला, चंपाकली, डायना और गंगाजली को बाघ को पकड़ने के लिए लगाया गया।

साथ ही दो स्थान पर पिंजड़ा लगाकर उसने बकरी को बांध दिया गया था। सोमवार देर रात पिंजड़े में बाघ कैद हो गया। सुबह सूचना मिलने पर दुधवा के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक, डीएफओ आकाशदीप वधावन, वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार, रेंजर निघासन विमलेश कुमार समेत अन्य लोग पहुंचे। बाघ को कतर्नियाघाट रेंज कार्यालय लाया गया। फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि डब्लूडब्लूएफ, डब्लूटीआई और पशु चिकित्सक की टीम ने बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद बाघ को भोजन दिया गया। फील्ड डायरेक्टर के मुताबिक बाघ को लखनऊ चिड़िया घर छोड़ा जाएगा। फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि रात में बाघिन भी पिंजड़े के निकट आई थी। लेकिन वह कैद नहीं हुई। उसके चित्र थर्मो सेंसर कैमरे में कैद हुई है।

उम्रदराज होने के चलते लिया फैसला
फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि बाघ पूरी तरह से स्वस्थ है, लेकिन उम्र अधिक हो गई है। इसको देखते हुए उसे लखनऊ चिड़िया घर में रखने का फैसला अधिकारियों ने लिया है।

दो वर्ष में 20 लोगों की गई जान
फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया दोनों जनपद के सीमा पर बीते दो वर्ष में काफी हमले हुए हैं। दो वर्ष दोनों जनपद के 20 लोग जान गंवा चुके हैं। लेकिन यह हमले एक ही बाघ के नहीं हैं।

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