बरेली: बीटीएम खाली तो कैसे हो रही कोरोना जांच

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बरेली, अमृत विचार। बीते एक माह से कोरोना संक्रमण के नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में शासन की ओर से रोजाना अधिक से अधिक कोरोना जांच करने का आदेश दिया गया है, लेकिन जिले में खराब बीटीएम (वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम) से मरीजों की जांच की जा रही हैं। शहर में कोरोना जांच करने …

बरेली, अमृत विचार। बीते एक माह से कोरोना संक्रमण के नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में शासन की ओर से रोजाना अधिक से अधिक कोरोना जांच करने का आदेश दिया गया है, लेकिन जिले में खराब बीटीएम (वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम) से मरीजों की जांच की जा रही हैं। शहर में कोरोना जांच करने के लिए जगह-जगह 300 बेड कोविड अस्पताल से स्टेटिक टीमें भेजी जाती हैं। इन टीमों को रोजाना जांच करने के लिए बीटीएम दी जा रही हैं लेकिन स्टेटिक टीमों में शामिल लैब टेक्नीशियन खराब बीटीएम होने की शिकायत अस्पताल प्रभारी से कर रहे हैं।

जानकारों के अनुसार उप्र मेडिकल कॉरपोरेशन से जिले में दवाओं के साथ ही कोरोना जांच संबंधी सामान भेजा जाता है। बीती 5 मई को 300 बेड कोविड अस्पताल में 2400 बीटीएम भेजी गईं थी। लैब टेक्नीशियन जब बीटीएम का बॉक्स खोल रहे हैं तो यह खाली निकल रही हैं। इनके अंदर सॉल्युशन नहीं निकल रहा है। ऐसे बीटीएम से कोरोना जांच नहीं हो सकती है। लगभग 35 फीसदी बीटीएम खराब निकल रही हैं।

क्या होती है बीटीएम
मरीजों की कोरोना जांच करने के लिए मरीज के मुंह में रुई से लिपटी सलाई डाली जाती है। यह रुई मरीज की लार से भीग जाती है, जिसको फिर बीटीएम में मिले सॉल्युशन में डाला जाता है। इस बीटीएम को ही जांच के लिए लैब भेजा जाता है जिससे पता चलता है कि मरीज कोरोना संक्रमित है या नहीं।

एडी ऑफिस से बीटीएम बॉक्स हमें प्राप्त होते हैं। अस्पताल की ओर से मांग करने पर इन बॉक्स को भिजवा दिया जाता है। अब अंदर बीटीएम कैसी हैं इसकी जानकारी नहीं है।- संजीव सक्सेना, सीएमएसडी प्रभारी

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