अयोध्या: मानसून की दस्तक के साथ आई तबादले की आंधी, 50 से ज्यादा हुए ट्रांसफर

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। मानसून की दस्तक के बाद जनपद में तबादले की जबरदस्त आंधी आई है। शासन की तरफ से प्रदेश भर में अधिकारी इधर-उधर किये जा रहे हैं। इसकी जद में अयोध्या भी आ गया है। आईपीएस व पीसीएस अफसरों के बाद स्वास्थ्य कर्मियों व बेसिक शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किये गए हैं। …

अयोध्या। मानसून की दस्तक के बाद जनपद में तबादले की जबरदस्त आंधी आई है। शासन की तरफ से प्रदेश भर में अधिकारी इधर-उधर किये जा रहे हैं। इसकी जद में अयोध्या भी आ गया है। आईपीएस व पीसीएस अफसरों के बाद स्वास्थ्य कर्मियों व बेसिक शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किये गए हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग में एक ही स्थान पर तीन साल से जमे या उसके पहले के कर्मियों का तबादला दूसरे विकासखंड में किया गया है। बीएसए संतोष देव पांडेय की ओर से जारी सूची में 22 कर्मचारियों का तबादला किया गया है, जिसमें 12 सहायक लेखाकार व 10 कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं। साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से 27 प्रधान व वरिष्ठ सहायक को इधर-उधर किया गया है।

उधर, स्वास्थ्य विभाग में भी लंबे समय से एक ही पटल पर जमा कर्मियों का बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किया गया है। स्टाफ नर्स, प्रयोगशाला सहायक, फार्मासिस्ट समेत करीब 319 लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा गया है। सीएमओ डॉ. अजय राजा ने सूची जारी कर स्थानांतरित किए गए सभी कर्मचारियों को अविलंब पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है।

7 दिन पहले आईजी व देर शाम बीएसए का हुआ तबादला

करीब हफ्ता भर पहले शासन की तरफ से आईपीएस अधिकारियों के तबादले की सूची जारी हुई थी, जिसमे अयोध्या रेंज आईजी कवींद्र प्रताप सिंह का तबादला लखनऊ पीएसी में हो गया था, जिसके बाद यहां सोनभद्र के एसएसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह को डीआईजी लगाया गया था। बुधवार देर शाम शासन की ओर से 5 बीएसए का तबादला किया गया, जिसमें अयोध्या बीएसए संतोष देव पांडेय को बाराबंकी लगाया गया है। अयोध्या में देवरिया के संतोष राय को लगाया गया है।

स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग पर अधिक असर

दरअसल प्रदेश सरकार ने इसी महीने 15 जून को तबादला नीति की मंजूरी दी है। 30 जून के बीच उन अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला किया जाना है, जो एक जिले में कम से कम तीन साल से जमे हैं या फिर उन्हें उसी मंडल में सेवा करते हुए सात साल का समय हो चुका है। उनका स्थानांतरण किया जाएगा। हालांकि यह तबादला नीति सभी विभागों पर लागू है लेकिन यहां सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य व शिक्षा महकमे पर पड़ा है।

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