गोंडा : गंभीर दिव्यांग बच्चों को अब घर पर मिलेगी शिक्षा, मोबाइल पर भेजा जाएगा आडियो क्लिप
गोंडा, अमृत विचार। सामान्य बच्चों की तरह सामाजिक एवं शैक्षिक दृष्टि से समुन्नत बनाने के लिए दिव्यांग बच्चों को आगे बढ़ाने का प्रयास हो रहा है। कम दिव्यांग बच्चों को आवासीय शिक्षा दी जाती है लेकिन अति दिव्यांग बच्चों को अवसर का लाभ नहीं मिल रहा है। इसलिए सरकार ने अति दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, …
गोंडा, अमृत विचार। सामान्य बच्चों की तरह सामाजिक एवं शैक्षिक दृष्टि से समुन्नत बनाने के लिए दिव्यांग बच्चों को आगे बढ़ाने का प्रयास हो रहा है। कम दिव्यांग बच्चों को आवासीय शिक्षा दी जाती है लेकिन अति दिव्यांग बच्चों को अवसर का लाभ नहीं मिल रहा है। इसलिए सरकार ने अति दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, दैनिक जीवन में सुधार के लिए आईवीआरएस प्रणाली का सहारा लेने की तकनीक इस्तेमाल करने जा रही है।
इस प्रणाली के तहत अति दिव्यांग बच्चों के माता-पिता के मोबाइल पर आईवीआरएस के तहत आडियो क्लिप भेजा जाएगा जिससे मां-बाप आडियो क्लिप से जानकारी लेकर बच्चों की शिक्षा की शुरुआत कर सकेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस तकनीक का इस्तेमाल कर ट्रायल भी शुरू कर दिया है और जुलाई से ही योजना को लागू करने का प्रयास हो रहा है।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश सिंह ने बताया कि जिले में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में सहयोग के लिए कुल 36 स्पेशल एजुकेटर कार्यरत हैं। विभागीय सर्वेक्षण में तमाम ऐसे बच्चे मिले हैं जो विद्यालय जाने में पूर्णतया अक्षम हैं। अर्थात अति गंभीर दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं। इन बच्चों को भी प्रारंभिक शिक्षा के साथ आत्म निर्भर बनाने तथा दैनिक क्रियाकलापों में निपुण बनाने की कोशिश है। इसके लिए प्रति स्पेशल एजुकेटर पांच बच्चों की दर से कुल १८० बच्चों को चिन्हित कर उन्हें उनके घर पर शिक्षित और प्रशिक्षित करने का काम करेंगे।
साथ ही ऐसे बच्चों के माता-पिता के मोबाइल पर आडियो क्लिप का प्रसारण भी किया जाएगा जिससे वे स्वयं भी अपने बच्चे की दैनिक क्रिया को सुधारने व सवारने का काम कर सकेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना से लोगों में बड़ा उत्साह है। इससे अति दिव्यांग बच्चों का भविष्य सुधरने वाला है।
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