बरेली: एसआरएमएस में नेशनल मेडिकल कमीशन का रीजनल सेंटर हुआ स्थापित

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बरेली, अमृत विचार। श्री राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआरएमएस आईएमएस) में गुरुवार को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) का रीजनल सेंटर स्थापित किया गया। मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी के लिए एनएमसी ने उप्र में सिर्फ दो रीजनल सेंटर बनाए हैं और इसके लिए 1911 से मेडिकल शिक्षा देने वाले केजीएमयू और 2005 से मेडिकल शिक्षा देने …

बरेली, अमृत विचार। श्री राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआरएमएस आईएमएस) में गुरुवार को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) का रीजनल सेंटर स्थापित किया गया। मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी के लिए एनएमसी ने उप्र में सिर्फ दो रीजनल सेंटर बनाए हैं और इसके लिए 1911 से मेडिकल शिक्षा देने वाले केजीएमयू और 2005 से मेडिकल शिक्षा देने वाले एसआरएमएस आईएमएस को चुना है। एनएमसी के अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड की प्रेसिडेंट डा.अरुणा वी. वानिकर ने इसका उद्घाटन किया।

रीजनल सेंटर के उद्घाटन के बाद मेडिकल कालेज के आडिटोरियम में मुख्य अतिथि डाॅ. अरुणा वी. वानिकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी भाषा और अपना देश की नीति अपनाने से आज चीन दुनिया की विश्व शक्ति बना हुआ है, लेकिन हमने अपनी भाषा और संस्कृति को नहीं अपनाया है। समारोह में विशिष्ट अतिथि अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजूकेशन बोर्ड के सदस्य डाॅ. विजयेंद्र कुमार ने कहा कि एनएमसी के पास मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी के लिए रीजनल सेंटर बनाने के लिए 94 आवेदन आए थे।

स्क्रीनिंग में 24 सही पाए गए। स्क्रूटनिंग में 10 और कम होकर 14 संस्थान बने हुए। इनमें से 10 को एनएमसी ने मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी का रीजनल सेंटर बनाया। उप्र में सिर्फ दो मेडिकल संस्थानों को इसके लिए चुना गया। जो केजीएमयू और एसआरएमएस मेडिकल काॅलेज हैं। ऐसे में हम यहां आप लोगों को बधाई देने के लिए आए हैं।

रीजनल सेंटर बड़ी उपलब्धि
एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति ने रीजनल सेंटर को उपलब्धि के साथ बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों पर विजय हासिल करना एसआरएमएस की खूबी है। 1996 में प्रदेश के पहला सेल्फ फाइनेंस इंजीनियरिंग कालेज खोलना, 2002 में सुपर स्पेशियलिटी हाॅस्पिटल का संचालन सब चुनौतियां ही थीं। हमने इनका सामना किया और सफलता पाई। इससे पहले काॅलेज के प्रिंसिपल डाॅ. एसबी गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया।

एथिकल कमेटी के चेयरमैन डाॅ. अतुल अग्रवाल ने एजुकेशन रिफार्म को जरूरी बताया और अंडर ग्रेजुएट एजुकेशन को प्रेक्टिकल बनाने पर जोर दिया। समारोह का संचालन डीन यूजी डाॅ. नीलिमा मेहरोत्रा ने और धन्यवाद डीन पीजी डा. पीएल प्रसाद ने किया। इस मौके पर एसआरएमएस आईएमएस के डायरेक्टर आदित्य मूर्ति, रीजनल सेंटर की कोआर्डिनेटर डाॅ. बिंदू गर्ग, सुभाष मेहरा, गुरु मेहरोत्रा, रोहिलखंड मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डाॅ. दिग्विजय सिंह, कार्यवाहक मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डाॅ. पीयूष कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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