लखनऊ: देश की एकता अखंडता के मामले में आतंकी संगठन के पांच सदस्यों को सजा
लखनऊ। देश की एकता अखंडता एवं सामाजिक सौहार्द को विखंडित करने के आरोप में विस्फोटक सहित गिरफ्तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन सदस्य अब्दुल्लाह, रईस अहमद, नदीम, फुरकान एवं हुस्ना उर्फ हुसैना को एनआईए के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद गजाली ने सात-सात वर्ष के कठोर कारावास एवं प्रत्येक को 57 सौ रुपए के अर्थदंड से दंडित किया …
लखनऊ। देश की एकता अखंडता एवं सामाजिक सौहार्द को विखंडित करने के आरोप में विस्फोटक सहित गिरफ्तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन सदस्य अब्दुल्लाह, रईस अहमद, नदीम, फुरकान एवं हुस्ना उर्फ हुसैना को एनआईए के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद गजाली ने सात-सात वर्ष के कठोर कारावास एवं प्रत्येक को 57 सौ रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
साल 2014 की घटना से संबंधित इस मामले में विचारण के दौरान सभी आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया तथा न्यायालय से रहम करने की मांग की। अदालत के समक्ष एनआईए की ओर से विशेष अधिवक्ता एमके सिंह का तर्क था कि 12 सितंबर 2014 को सुबह लिल्लो देवी निवासी जाटान मोहल्ला जिला बिजनौर के घर में आईईडी विस्फोट हुआ था। जिसके बाद इस घर से से 6 व्यक्ति निकल कर भाग गए। जिसमें एक बुरी तरह से जला हुआ था।
घटना के बाद सराफा बाजार जनपद बिजनौर के चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह की सूचना पर एफएसएल फील्ड यूनिट की टीम व पुलिस फोर्स द्वारा मकान से विस्फोटक पदार्थ व अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं प्राप्त की गई थी तथा मामले की जांच 24 अप्रैल 2015 को एनआईए को दी गई।
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