उन्नाव: चार दिन से लापता प्रेमी युगल का जंगल में मिला शव, इलाके में मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस
हसनगंज/उन्नाव। चार दिन पहले घर से लापता हुई महिला व युवक के शव संदिग्ध हालातों में जंगल में पड़े मिले। पास में बाग की रखवाली कर रहे बागवान ने दुर्गंध आने पर सबसे पहले शवों को देखा। सूचना पर दो थानों की फोर्स व पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर मौका मुआयना किया। …
हसनगंज/उन्नाव। चार दिन पहले घर से लापता हुई महिला व युवक के शव संदिग्ध हालातों में जंगल में पड़े मिले। पास में बाग की रखवाली कर रहे बागवान ने दुर्गंध आने पर सबसे पहले शवों को देखा। सूचना पर दो थानों की फोर्स व पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर मौका मुआयना किया। सुरागकशी के लिए फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया। मामला हत्या, आत्महत्या या आनर किलिंग का है पुलिस हर पहलू से घटना की जांच पड़ताल कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र की हिलालमऊ निवासी शांती (27) पत्नी रामलखन रावत व उसके घर के ठीक सामने रहने वाले अनुज (24) पुत्र महेश चौहान के शव संदिग्ध हालातों में डेढ़ किलोमीटर दूर चारागाह की जमीन के खड़े जंगल में एक दूसरे से लिपटी अवस्था में पड़े मिले। बगल के बाग की रखवाली करने वाले होरीलाल दुर्गंध महसूस होने पर इधर उधर देखने लगा। शवों पर निगाह पड़ते ही उसकी चीख निकल गयी। यह खबर ग्रामीणों में पहुंचते ही वहां तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गयी।
सूचना मिलते ही एएसपी शशि शेखर, सीओ बांगरमऊ अश्वनी राय, सीओ हसनगंज आरके शुक्ला के साथ कोतवाली व आसीवन थानाध्यक्ष दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। दोनों के चेहरे बुरी तरह से काले हो गए थे जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी पहचान मिटाने के लिए केमिकल डाल कर जला दिया गया। कपड़ों के आधार पर परिजनों ने दोनों की शिनाख्त की। रामलखन रावत ने बताया कि बीती 28 जून की 2 वर्षीय बेटी प्रियांशी के रोने पर उसकी आंख खुली तो पत्नी शांती गायब थी।
घर के सामने रहने वाले अनुज से पत्नी के अवैध संबंधों के शक पर वह उसके घर पहुंचा। जहां अनुज के परिजनों ने उसे गाली देकर भगा दिया। अगले ही दिन उसने थाने में अनुज के खिलाफ पत्नी को बहला फुसला ले जाने की तहरीर दी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। एएसपी शशि शेखर सिंह का कहना है कि मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। हर पहलू से जांच पड़ताल की जा रही है। वीडियोग्राफी के साथ ही तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही पुख्ता तौर पर कुछ कहा जा सकता है।
दो साल की मासूम का विलाप देख नम हुई सबकी आंखे: मां की मौत से अंजान उसकी दो वर्षीय मासूम प्रियांशी जब मम्मी मम्मी कह कर रोने लगी तो वहां मौजूद लोगों की आंखे डबडबा आई। पति ने बताया कि जब से उसकी मां लापता हुई थी तब से उसे यही सांत्वना दी जा रही थी कि मम्मी दवा लेने गयी है। बिलख रही बच्ची को पड़ोस में रहने वाली रजनी ने दुलार पुचकार कर शांत कराया।
इंस्पेक्टर क्राइम की बड़ी लापरवाही हुई उजागर:
मृतका के पति के आरोपों पर गौर करें तो कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर क्राइम राजभैया अगर गंभीरता बरतते तो शायद यह दिन न देखना पड़ता। भले ही उनकी जान न बचती लेकिन पुलिस की किरकिरी होने से तो बच ही जाती। पति का आरोप है कि पत्नी के गायब होने के अगले दिन जब वह तहरीर लेकर गया तो इंस्पेक्टर क्राइम ने उसे भगा दिया। यहीं नहीं मामले में अब तक गुमशुदगी भी थाने में दर्ज नहीं की गयी है। हत्या, आत्म हत्या या फिर आनर किलिंग, उलझी गुत्थी: शव के पास से चिप्स के खाली पैकेट, मिठाई का डिब्बा, पानी की बोतल के अलावा एक बेल्ट व युवक की कमर के नीचे एक अतिरिक्त जींस मिली है।
इस बरामदगी के आधार पर पुलिस फिलहाल मामले को आत्महत्या के नजरिए से ही देख रही है। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि अगर दोनों ने आत्महत्या की तो उनके चेहरों को केमिकल से जलाया किसने! दोनों के प्रेम प्रसंग के चर्चे मोहल्ले में है। ऐसे में इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि कहीं आत्म सम्मान के लिए दोनों की हत्या तो नहीं की गयी! हकीकत क्या है यह तो पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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