भारत में ट्विटर हैंडल्स ब्लॉक होने से बौखलाया पाकिस्तान
इस्लामाबाद। भारत में कुछ पाकिस्तानी टिवटर हैंडल को ब्लॉक किए जाने को लेकर भारतीय राजनयिक को पाक में तलब किया गया। पाकिस्तान विदेश कार्यालय (एफओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया, इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिक को शुक्रवार को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया और भारत सरकार की ओर से ट्विटर पर 80 अकांउट्स …
इस्लामाबाद। भारत में कुछ पाकिस्तानी टिवटर हैंडल को ब्लॉक किए जाने को लेकर भारतीय राजनयिक को पाक में तलब किया गया। पाकिस्तान विदेश कार्यालय (एफओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया, इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिक को शुक्रवार को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया और भारत सरकार की ओर से ट्विटर पर 80 अकांउट्स पर रोक लगाने को लेकर विरोध जताया।
ट्विटर इंडिया ने बड़ा कदम उठाते हुए भारत में पाकिस्तान के चार दूतावासों के ट्विटर खातों को बंद कर दिया था। यह कदम तब उठाया गया जब इन पर आरोप लगे कि इन ट्विटर हैंडल से झूठी खबरें और दुष्प्रचार किया जा रहा था। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की तरफ से इन खातों को तत्काल बहाल करने का आग्रह किया गया था। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की तरफ से किए गए ट्वीट्स में बताया गया भारत में ट्विटर की ओर से ईरान, तुर्की, मिस्त्र और संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी दूतावासों के ट्विटर को बैंन कर दिया गया है।
साल के अंत तक ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहेगी
इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि अगले तीन से चार महीनों तक ईंधन की कीमतों में वृद्धि जारी रहेगी। उसके बाद नवंबर-दिसंबर से कीमतें नीचे आना शुरू होंगी। देश के ऊर्जा मंत्रियों खुर्रम दस्तगीर और मुसादिक मलिक ने कहा कि पिछली सरकार ने कीमत के लिए कानूनी मजबूरियों का हवाला देते हुए हाथ मिलाया था और इसमें सुधार लाने के कदमों को उठाये बिना लोगों को नाजुक हालत से बाहर निकलने का और कोई विकल्प नहीं हैं। दोनों मंत्रियों ने कहा कि पिछली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार बिजली और प्राकृतिक गैस के लिए मूल्य समायोजन में देरी करती रही और ये नियामकों से टैरिफ निर्धारण के बाद और नई सरकार के पास बैकलॉग को दूर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
यह सब स्थिति कानूनों में बदलाव के कारण पैदा हुई है। पिछली सरकार ने जब एलएनजी कोयले में कमी आयी थी उस समय ईंधन आयात की व्यवस्था नहीं की और जबकि विश्व बैंक तथा अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) जैसे अंतराष्ट्रीय ऋणदाता कोविड के झटके से उबरने के लिए सस्ता और बिना शर्त ऋण प्रदान कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नयी सरकार के आने तक न केवल इन ईंधन की कीमतों में 300 से 400 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी थी। अपितु ये वस्तुएं किसी कीमत पर बाजार में उपलब्ध नहीं थीं। उन्होंने कहा कि तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (ओगरा) नियमित रूप से गैस की कीमतों में वृद्धि कर रहा था, लेकिन पीटीआई सरकार ने इसे तीन साल से अधिक समय तक अधिसूचित नहीं किया और केवल अंतिम चरण में कानून बदल दिया।
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