रामपुर : जिला अस्पताल में एक्सरे नहीं होने पर नोडल अधिकारी नाराज

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रामपुर,अमृत विचार। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निरीक्षण में कोरोना काल में आउटसोर्सिंग पर रखे स्टाफ नर्सों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने और नवोदय विद्यालय से आए एक्सरे नहीं होने का मुद्दा उठा। समस्या मिलते ही नोडल अधिकारी ने जिला अस्पताल में पहली इमारत पर …

रामपुर,अमृत विचार। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निरीक्षण में कोरोना काल में आउटसोर्सिंग पर रखे स्टाफ नर्सों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने और नवोदय विद्यालय से आए एक्सरे नहीं होने का मुद्दा उठा। समस्या मिलते ही नोडल अधिकारी ने जिला अस्पताल में पहली इमारत पर बना एक्सरे रूम पहुंचे, जहां एक्सरे रूम के बाहर छात्र छात्राओं से पूछा तो मालूम हुआ कि वह एक्सरे कराए आए हैं जोकि नहीं कराए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान साथ चल रहे सीएमएस को निर्देशित किया गया बच्चों के एक्सरे कराए जाएं। इसके बाद जैसा वह उनका काफिला जिला अस्पताल के बाहर पहुंचा तो इंतजार में खड़े संविदा कर्मियों ने घेर लिया। जहां बताया कि उनको तीन माह से वेतन नहीं मिला है। जिससे उनके परिवार के आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है। इस पर सीएमओ को तलब किया, निर्देशित किया जल्द ही वेतन आहरित कराया जाए।

  • संविदाकर्मियों ने समय से वेतन नहीं मिलने पर जताई कड़ी नाराजी
  • आक्सीजन प्लांट, आइसोलेशन और पीकू वार्ड, दवा भंडार भी देखा

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव रविन्द्र, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़,सीडीओ नन्द किशोर कलाल के साथ औचक रूप से जिला चिकित्सालय पहुंचे। जिला चिकित्सालय महिला पहुंचकर उन्होंने वहॉ निर्माणाधीन आक्सीजन प्लान्ट की प्रगति देखी। तत्पश्चात जिला चिकित्सालय पहॅुचकर उन्होंने दवा वितरण कक्ष में मौजूद दवाओं और भण्डारण सम्बन्धी अभिलेखों का भी अत्यन्त बारीकी से अवलोकन किया। इसके बाद नोडल अधिकारी ने इमरजेंसी, पीकू, आईसोलेशन वार्ड पहुंचे, जहां उन्होने मरीजों की बातचीत करने हाल जाना। इसके बाद बाद सीएमएस को निर्देशित किया वे दवाओं की उपलब्धता सम्बन्धी रिकार्ड दुरूस्त बनाएं रखें तथा जिन दवाओं की कमी होती है उनके सम्बन्ध में समय से मांग पत्र प्रेषित कराएं ताकि दवाओं की कमी की वजह से आमजन को स्वास्थ्य उपचार सम्बन्धी किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार डाक्टरों की मौजूदगी और उनकी सक्रियता का भी सत्यापन किया। इस दौरान डीएम, सीडीओ, सीएमओ, सीएमएम, महिला सीएमएस, जिला मलेरिया अधिकारी, फार्मासिस्ट हरीश धोनी, डा. मेहता, सीएमओ स्टेनो, महिला चिकित्सालय के चीफ समेत तमामा चिकित्सक शामिल रहे।

जब तक चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुए, तब तक नहीं भेजा जाए
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव रविन्द्र ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल में उन्होंने कहा कि शासन द्वारा चिकित्सकों के तबादले हुए है, मरीजों की समस्या को देखते हुए जिन चिकित्सकों के तबादले हुए है, जब तक नवागत चिकित्सक चार्ज ग्रहण नहीं कर लेते, तब तक वह नहीं किसी जाएंगे। कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। सीएमएस से कहा कि अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए।

मिलक के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर का भी लिया जायजा
रामपुर। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी रविन्द्र, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने मिलक स्थित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने ट्रेनिंग सेंटर में मौजूद हॉस्टल परिसर, लैब, किचन एवं प्रशिक्षण कक्ष आदि का बारीकी से जायजा किया। 50 सीटों के इस एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र में विभाग द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप सभी संसाधनों की उपलब्धता के साथ संचालन की स्थिति में लाने के लिए शासन द्वारा 15 जुलाई निर्धारित की गई है।

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