अदालत से अग्निपथ योजना से प्रभावित हुए बिना वायु सेना में भर्ती पूरी करने का निर्देश देने का अनुरोध
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय में मंगलवार को एक याचिका सुनवाई के लिए आई, जिसमें मांग की गयी है कि भारतीय वायु सेना में भर्ती की प्रक्रिया 2019 की अधिसूचना के अनुसार पूरी की जाए और केंद्र की अग्निपथ योजना से इसे प्रभावित नहीं होने दिया जाए। एक अधिवक्ता ने जानकारी दी कि न्यायमूर्ति सुरेश …
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय में मंगलवार को एक याचिका सुनवाई के लिए आई, जिसमें मांग की गयी है कि भारतीय वायु सेना में भर्ती की प्रक्रिया 2019 की अधिसूचना के अनुसार पूरी की जाए और केंद्र की अग्निपथ योजना से इसे प्रभावित नहीं होने दिया जाए। एक अधिवक्ता ने जानकारी दी कि न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की।
पीठ को सूचित किया गया कि इसी तरह का एक मामला उच्चतम न्यायालय में दाखिल किया गया है और इस पर अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है। इसके बाद पीठ ने सुनवाई दो सप्ताह बाद के लिए निर्धारित की। रक्षा बलों में भर्ती के इच्छुक अनेक अभ्यर्थियों की ओर से उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका में 11 दिसंबर, 2019 की अधिसूचना की शर्तों के अनुरूप ‘एनरोलमेंट’ सूची प्रकाशित करने और नियुक्ति पत्र जारी करने का अनुरोध किया गया है।
याचिकाकर्ताओं ने यह घोषणा करने की भी मांग की है कि 2019 की अधिसूचना अग्निपथ योजना 2022 तथा 24 जून, 2022 की अधिसूचना से अप्रभावित रहेगी।
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