पीलीभीत: आउटसोर्सिंग कर्मियों को नहीं मिला भुगतान, तय सीमा भी हुई समाप्त

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। एक माह का सेवा विस्तार पूरा करने के बाद अब एक बाद फिर से आउटसोर्सिंग से कोविड कार्य में लगाए गए कर्मियों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया गया है। इसमें मात्र कम्प्यूटर ऑपरेटरों को ही सेवा में रहने के लिए कहा गया है। सीएमओ की ओर से जारी किए …

पीलीभीत, अमृत विचार। एक माह का सेवा विस्तार पूरा करने के बाद अब एक बाद फिर से आउटसोर्सिंग से कोविड कार्य में लगाए गए कर्मियों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया गया है। इसमें मात्र कम्प्यूटर ऑपरेटरों को ही सेवा में रहने के लिए कहा गया है। सीएमओ की ओर से जारी किए गए नोटिस से कर्मियों में रोष है। कर्मियों का आरोप है कि करीब एक साल से मानदेय नहीं मिला है और अब सेवा समाप्त करने का नोटिस जारी कर दिया गया है।

कोविड के दौरान जिले में अलग-अलग पदों के लिए आउटसोर्सिंग से करीब 57 कर्मियों को लगाया गया था। इसमें कुछ कर्मियों को एल-टू कोविड अस्पताल और अन्य लोगों को सीएचसी और पीएचसी पर भेजा गया था। सभी की सेवा 30 अप्रैल तक नियत की गई थी। लगातार काम करने के बाद कर्मियों को हर माह मानदेय नहीं मिल सका था। निश्चित समय के बाद 30 अप्रैल को सभी के पास नोटिस भेजकर सेवा समाप्ति का आदेश दे दिया गया था।

इसके बाद जब कर्मियों ने विरोध किया तो शासन ने एक माह का सेवा विस्तार करते हुए मानदेय देने का आश्वासन दिया था। सेवा विस्तार के बाद कर्मियों में खुशी थी कि अब मानदेय मिल जाएगा लेकिन मई भी पूरा बीत गया। मानेदय नहीं मिला और फिर सेवा समाप्त होने का नोटिस आ गया था। पत्राचार के बाद शासन से जून तक सेवा विस्तार कर दिया था। अब एक बार फिर से सीएमओ की ओर से कर्मियों को नोटिस भेजकर काम समाप्त होने की बात कही है।

जारी नोटिस में कहा गया र्है कि 21 जून को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार बीएसएल लैब टू एवं ब्लाक स्तरीय सीएचसी और पीएचसी पर कार्यरत कम्प्यूटर आपरेटरों को छोड़कर शेष अन्य समस्त मानव संशाधन की सेवाओं की जरूरत नहीं है। सीएमओ के इस नोटिस के बाद शेष कर्मियों में रोष देखा जा रहा है।

कर्मियों का आरोप है कि बार-बार हर माह उनको नोटिस जारी किया जा रहा है। छह माह से बकाया मानदेय को दिलाने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या को लेकर शासन स्तर पर मामले को पहुंचाया जाएगा। कर्मियों का कहना है कि शासन ने एक माह का और सेवा विस्तार किया है। इस पर अधिकारी आदेश नहीं जारी रहे हैं।

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