रायबरेली : अमेरिकी टीम ने आशा बहुओं को पीलिया रोग की जांच के बताए गुर

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रायबरेली, अमृत विचार। खीरों विकास क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में गुरुवार को कोर्नेल विश्वविद्यालय अमेरिका की स्वास्थ्य विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय टीम ने रबर के पुतले के माध्यम से पीलिया रोग की जांच का तरीका बताया है। दो दिन से यह टीम क्षेत्र में है । कोर्नेल विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रोफ़ेसर आदित्य वशिष्ठ अपने …

रायबरेली, अमृत विचार। खीरों विकास क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में गुरुवार को कोर्नेल विश्वविद्यालय अमेरिका की स्वास्थ्य विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय टीम ने रबर के पुतले के माध्यम से पीलिया रोग की जांच का तरीका बताया है। दो दिन से यह टीम क्षेत्र में है ।

कोर्नेल विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रोफ़ेसर आदित्य वशिष्ठ अपने विश्वविद्यालय के भारतीय शोध छात्र ध्रुव अग्रवाल व अमेरिका मूल की शोध छात्रा चिनासा ओकोलो के साथ दूसरे दिन गुरुवार को भी अपने साथ लेकर आए शिशुओं के रबर के पुतलों के माध्यम से आशा बहू सोनी, मीना दीक्षित, प्रतिभा सिंह और भानुमती आदि को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के माध्यम से शिशुओं में होने वाली पीलिया नामक बीमारी की जांच के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।

प्रोफ़ेसर आदित्य वशिष्ठ ने आशा बहुओं को बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब लोग शिशुओं में होने वाले पीलिया नामक रोग की जांच के लिए जगह जगह काफी पर पैसा खर्च करते है फिर भी उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पाती है। जिससे शिशु गंभीर रूप से पीलिया से ग्रसित हो जाता है और उसकी मृत्यु हो जाती है।

पीलिया रोग की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक के एक ऐप के माध्यम से आशाओं को प्रशिक्षित करते हुए प्रोफेसर आदित्य वशिष्ठ ध्रुव अग्रवाल और चिनासा ओकोलो ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के ऐप के जरिए यह जानकारी मिल जाती है कि शिशु को कितने प्रतिशत पीलिया है। फिर इलाज के माध्यम से बच्चा स्वस्थ हो जाता है।

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