लखीमपुर-खीरी: चोरी की घटना छुपाने पर महेवागंज चौकी के 13 सिपाही हटाए गए
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। चोरी की घटना छुपाने और उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना न देने सदर कोतवाली की महेवागंज चौकी पुलिस को काफी महंगा पड़ गया। एसपी ने इसे गंभीर लापरवाही माना और करीब दीवान को छोड़कर 13 सिपाहियों को चौकी से तत्काल हटाकर उन्हें सदर कोतवाली भेज दिया। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। चोरी की घटना छुपाने और उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना न देने सदर कोतवाली की महेवागंज चौकी पुलिस को काफी महंगा पड़ गया। एसपी ने इसे गंभीर लापरवाही माना और करीब दीवान को छोड़कर 13 सिपाहियों को चौकी से तत्काल हटाकर उन्हें सदर कोतवाली भेज दिया। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जिले में इन दिनों चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। लगातार चोर कहीं न कहीं घटनाओं को अंजाम देकर लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। मंगलवार की रात सदर कोतवाली की पुलिस चौकी महेवागंज के गांव बुढनापुर निवासी सर्वजीत सिंह उर्फ सुब्बा के घर चोर खिड़की तोड़कर दाखिल हो गए थे और कमरे में रखी अलमारी का लॉकर तोड़कर पांच हजार रुपये की नकदी, एक सोने की अंगूठी, दो सोने की बाली, दो सोने के फूल चार कंगन, दो जोड़ी पायल व अन्य घरेलू सामान चोरी कर ले गए थे।
इसके अलावा पुलिस चौकी से चंद कदम दूरी पर स्थित कमलेश कुमार के घर के बाहर खड़ी बाइक चोर चुरा ले गए थे। बाइक चोरी की घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई थी। चौकी पुलिस दोनों घटनाओं को छुपाए रही और इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं दी। न ही प्रभारी निरीक्षक को कोई जानकारी दी।
पीड़ित ने एसपी से पुलिस के कार्रवाई न करने की जब बात बताई तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। इस पर एसपी संजीव सुमन ने इसे बड़ी लापरवाही माना और गुरुवार को पुलिस चौकी पर तैनात सभी सिपाहियों को अपने कार्यालय तलब किया। सभी को कड़ी फटकार लगाई और पुलिस चौकी से हटाकर सदर कोतवाली में तैनात कर दिया।
एसपी ने सदर कोतवाली से सिपाहियों को पुलिस चौकी महेवागंज भेजा है। एसपी के इस कदम से पुलिस कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। चौकी इंचार्ज महेवागंज सतीश द्विवेदी ने बताया कि बुढ़नापुर गांव में चोरी हुई थी। पीड़ित कोई कार्रवाई नहीं चाहता था। अधिकारियों को घटना की सूचना न देने पर एसपी ने सभी चौकी के सभी सिपाहियों को हटाकर कोतवाली सदर भेजा है।
नहीं उठता सीओ सिटी का सीयूजी फोन
कानून व्यवस्था बनाए रखने सर्किल की जिम्मेदारी सीअो की होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम-एसपी से लेकर सभी अधिकारियों को निर्देश दे रखे हैं कि उनके सरकारी नंबर बंद नहीं होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को आने वाली हर कॉल को रिसीव करने और पीड़ितों की बात सुनकर उनका समाधान कराने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन सीओ सिटी के लिए मुख्यमंत्री का आदेश कोई मायने नहीं रखता है।
अमृत विचार ने महेवागंज पुलिस चौकी से सिपाहियों को तलब कर कोतवाली सदर से जब अटैच करने संबंधी खबर की पुष्टि के लिए सीओ सिटी से सीयूजी नंबर पर कॉल कर जानकारी लेने का प्रयास किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार सीयूजी नंबर की गई कॉल रिसीव रिसीव नहीं की।
प्रभारी निरीक्षक बोले न.. न ऐसा तो कुछ नहीं है
पुलिस चौकी महेवागंज से जब एक साथ सिपाहियों के हटाए जाने और उन्हें कोतवाली में तैनात करने के बारे में प्रभारी निरीक्षक सदर चंद्रशेखर सिंह से पूछा गया तो उन्होंने तपाक से कहा कि न.. न.. ऐसा कुछ भी नहीं है, जबकि चौकी इंचार्ज महेवागंज सतीश द्विवेदी ने सिपाहियों को पुलिस चौकी से हटाकर कोतवाली सदर में तैनात करने होने की पुष्टि की है। अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार प्रभारी निरीक्षक ने एसपी की इस कार्रवाई को क्यों छुपाते रहे। इसके पीछे उनकी मंशा क्या थी।
एएसपी बोले नहीं है जानकारी
अमृत विचार ने जब एएसपी अरुण कुमार सिंह से इस संबंध में जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं है। वह क्षेत्र में कानून व्यवस्था के दृष्टिगत भ्रमण पर हैं।
बुढ़नापुर गांव में चोरी हुई थी। पीड़ित कोई कार्रवाई नहीं चाहता था। अधिकारियों को घटना की सूचना न देने पर एसपी ने चौकी के सभी सिपाहियों को हटाकर कोतवाली सदर भेजा है।- सतीश द्विवेदी, चौकी इंचार्ज, महेवागंज।
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