लखीमपुर-खीरी: पूर्व मंत्री ने एनओसी देने के लिए वन्यजीव प्रतिपालक को लिखा पत्र
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। पूर्व कांग्रेस के खीरी सांसद पूर्व वन मंत्री जफर अली नकवी ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक लखनऊ को पत्र भेजकर लखनऊ वाया मैलानी-पीलीभीत के बीच रेल लाइन के विद्युतीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि एनओसी न मिलने के कारण विद्युतीकरण का कार्य …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। पूर्व कांग्रेस के खीरी सांसद पूर्व वन मंत्री जफर अली नकवी ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक लखनऊ को पत्र भेजकर लखनऊ वाया मैलानी-पीलीभीत के बीच रेल लाइन के विद्युतीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि एनओसी न मिलने के कारण विद्युतीकरण का कार्य अटका है। इससे जनता को लखनऊ से वाया मैलानी पीलीभीत, काठगोदाम व दिल्ली की सीधी रेल सेवा नहीं मिल पा रही है।
पूर्व खीरी सांसद पूर्व वन मंत्री जफर अली नकवी ने बताया कि पूर्वाेत्तर रेलवे ने रेलवे स्टेशन ऐशबाग (लखनऊ) से शाहगढ़ तक आमान परिवर्तन का कार्य पूरा कर दिया है। वर्तमान समय में इस रूट पर मैलानी तक तीन जोड़ी सवारी गाड़ियां चला रही हैं । रेलवे ने लखनऊ बांकेगंज रेलवे स्टेशन तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया है। सुरक्षा आयुक्त ने विद्युत इंजन से चलाने की अनुमति भी दे दी है, क्योंकि इसमें वन क्षेत्र नहीं आता है।
उन्होंने कहा कि बांकेगंज-मैलानी के बीच वन क्षेत्र दुधवा टाइगर रिजर्व पड़ता है, जिस वजह से वन विभाग ने विद्युतीकरण करने की अनुमति नहीं दी है। इस वजह से मैलानी स्टेशन तक केवल डीजल इंजन से गाड़ियां चल रही हैं। रेलवे स्टेशन मैलानी से रेलवे स्टेशन शाहगढ़ (पीलीभीत) तक आमान परिवर्तन का काम पूरा हो गया है और विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। वह शीघ्र पूर्ण हो जाएगा। इसमें वन क्षेत्र नहीं आता है।
शाहगढ़- पीलीभीत के मध्य आमान परिवर्तन का कार्य कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम करा रही है। वन विभाग ने रेलवे लाइन बिछाने की अनुमति दे दी है, लेकिन विद्युतीकरण की अनुमति नहीं दी है, क्योंकि माला वन क्षेत्र जनपद पीलीभीत में पड़ता है। माला वन क्षेत्र पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र है। इसमें भी रेलवे को विद्युतीकरण के लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र की आवश्यकता है। रेल मंत्रालय भविष्य में डीजल इंजन के स्थान पर विद्युत इंजन से समस्त भारत में गाड़ियां चलाना चाहता है। इसी कारण रेल मंत्रालय लखनऊ स्टेशन से काठगोदाम तक विद्युतीकरण करवा रहा है।
पीलीभीत से बरेली व काठगोदाम तक रेलवे ने विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया है। केवल बांकेगंज से मैलानी और पीलीभीत वन क्षेत्रों में वन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को लिखे गए पत्र में कहा है कि मेरे ही प्रयास से रेलवे स्टेशन ऐशबाग – पीलीभीत के मध्य आमान परिवर्तन के आदेश रेल मंत्रालय ने किये थे।
आमान परिवर्तन होने का उद्घाटन अधीर रंजन चौधरी रेल राज्यमंत्री भारत सरकार ने दो फरवरी 2013 को लखीमपुर रेलवे स्टेशन पर आकर किया था, जो इस समय लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता है। उन्होंने रेलवे स्टेशन बांकेगंज – मैलानी वनक्षेत्र व शाहगढ़ माला पीलीभीत वनक्षेत्र में रेलवे को विद्युतीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र देने की मांग की है। साथ ही कहा है कि इससे सीधी रेल सेवा जनता को लखनऊ से वाया मैलानी पीलीभीत, काठगोदाम दिल्ली को मिल सकेगी।
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