बरेली: बरसात के दिनों में छात्रों पर खतरे की आशंका
अमृत विचार, बरेली। बच्चों को सुरक्षित शिक्षा का माहौल उपलब्ध कराने के कई प्रयासों के बावजूद सुरक्षित माहौल नहीं मिल रहा है। बल्कि जर्जर छत के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, ऐसे में हादसे की आशंका बनी रहती है। खतरे की आहट के बाद भी अधिकारियों की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किए …
अमृत विचार, बरेली। बच्चों को सुरक्षित शिक्षा का माहौल उपलब्ध कराने के कई प्रयासों के बावजूद सुरक्षित माहौल नहीं मिल रहा है। बल्कि जर्जर छत के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, ऐसे में हादसे की आशंका बनी रहती है। खतरे की आहट के बाद भी अधिकारियों की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
मानसून सक्रिय होने से पूर्व जनपद में जर्जर स्कूलों को चिंहित करने का काम हुआ था। उम्मीद थी कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल के भवनों में शिफ्ट कर दिया जाएगा, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस और अभी तक ध्यान नहीं दिया। कालीबाड़ी क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय की छत करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा उधड़ चुकी है। पुराने भवन की कड़ियां तक निकल चुकी हैं और जो शेष लगी हैं वह भी लगभग सड़ चुकी हैं। दीवारों में बड़ी -बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। ऐसे में कभी भी दुर्घटना हो सकती है। स्कूल की जर्जर हालत की वजह से लोग अपने बच्चों का प्रवेश भी नहीं कराते । फिलहाल स्कूल में कुल 16 बच्चे पंजीकृत हैं। इसके लिए एक शिक्षा मित्र की तैनाती की गई है। इसके अलावा पिछले हफ्ते एक प्रभारी को भी सिर्फ वित्तीय प्रभार के साथ यहां तैनात किया गया है।
धूप के कारण नहीं होती पढ़ाई
स्कूल में बच्चों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं है। क्योंकि एक बरामदा ही है जिसमें बच्चों को पढ़ाया जाता हैं, बरसात के दिनों में पानी भर जाता है। बारामदे की छत आधे से ज्यादा उधड़ चुकी है। ऐसे में दिन में धूप आने पर भी बच्चों को नहीं बैठाया जाता है, क्योंकि धूप में बैठने के कारण कई बार बच्चों की तबीयत खराब हो जाती है। इसके अलावा स्कूल में पीने योग्य पानी और शौचालय की भी पर्याप्त व्यवस्थाएं नही हैं।
एमएल वर्मा, नगर खंड शिक्षा अधिकारी-
विद्यालयों को शिफ्ट कराने के लिए उच्चाधिकारियों की ओर से अभी अनुमति नहीं मिली है। अनुमति मिलने के बाद बच्चों को शिफ्ट करा दिया जाएगा।
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