बरेली: स्मार्ट सिटी के काम ने बुजुर्गों की बढ़ाई परेशानी, प्लानिंग से नहीं हो रहा काम
अमृत विचार, बरेली। रामपुर गार्डन में हो रहे स्मार्ट सिटी के काम को एक सेवानिवृत्त इंजीनियर ने बदइंतजामी वाला बताया। दावा किया कि बगैर प्लानिंग के हुए काम से क्षेत्र की जनता को जलभराव से मुक्ति नहीं मिलेगी। क्षेत्र की नालियों पर जो ढक्कन रखे गए हैं, वे इतने भारी हैं कि उन्हें कर्मचारी उठा …
अमृत विचार, बरेली। रामपुर गार्डन में हो रहे स्मार्ट सिटी के काम को एक सेवानिवृत्त इंजीनियर ने बदइंतजामी वाला बताया। दावा किया कि बगैर प्लानिंग के हुए काम से क्षेत्र की जनता को जलभराव से मुक्ति नहीं मिलेगी। क्षेत्र की नालियों पर जो ढक्कन रखे गए हैं, वे इतने भारी हैं कि उन्हें कर्मचारी उठा नहीं पाएंगे। उन्होंने मुख्य अभियंता को कई बार काम ठीक नहीं होने की बात कही, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जनता के धन को किस तरह बर्बाद किया जा रहा है, यह स्मार्ट सिटी में बगैर प्लानिंग के हो रहे रामपुर बाग में देखा जा सकता है।
रामपुर बाग निवासी बुजुर्ग एसी वर्मा सेवानिवृत्त सिविल इंजीनियर हैं। वह बीएसएनएल में रह चुके हैं। उन्होंने अमृत विचार को बताया कि क्षेत्र में नालियां ऊंची हैं और सड़क नीची है। ऐसे में बरसात का पानी नालियों में कैसे जाएगा। यह नालियां भी साफ नहीं हैं। उनमें कूड़ा जमा है। वह साफ कैसे हो। इन्हीं नालियों के ऊपर भारी ढक्कन रख दिए गए हैं। इन ढक्कनों को उठाना सफाई कर्मियों के वश की बात नहीं है। नाली के बाद टाइल्स बिछाई गई है।
इसकी सरफेश को सूखे में बिछा दिया गया है। जबकि इसकी सरफेश को गीला करके टाइल्स बिछानी चाहिए थी। टाइल्स बिछाने में यह काम कहीं नहीं किया गया लेकिन जब उनके घर के पास टाइल्स बिछाई जाने लगी तो घर से पानी देकर सरफेश को गीला करवाकर काम करवाया। उन्होंने बताया कि रामपुर गार्डन में कई घरों में बुजुर्ग भी हैं, लेकिन घरों के आगे अभी तक रैंप नहीं बनवाई गईं। ऐसे में बुजुर्गों को घर से निकलने और प्रवेश करने में परेशानी हो रही है।
उन्होंने बताया कि रामपुर गार्डन में उनकी गली और सड़क निर्माण कार्य के दौरान समय-समय पर स्मार्ट सिटी के जीएम को मैसेज द्वारा अवगत भी कराया गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब हालत यह है कि बाजपेयी स्वीट वाले मोड़ पर सड़क बनी, लेकिन 20 दिन में ही उसकी गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। रामपुर गार्डन में लोगों को रहना है। अफसर तो कुछ दिन बाद चले जाएंगे लेकिन जब अफसर अपनी देखरेख में निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं कराएंगे। काम के दौरान कोई जेई देखने वाला नहीं होगा तो उसका खामियाजा यहां रहने वालों को ही भुगतना होगा। इसलिए कहीं कोई निर्माण कार्य गलत हो रहा है तो उस पर जरूर हस्तक्षेप करें।
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