बाराबंकी: संजय सेतु में फिर आई दरार, पुल के नीचे भी हो रही तेजी से कटान
बाराबंकी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने संजय सेतु के ज्वाइंट में फिर एकबार दरार आ गई है। जिसका पीएनसी द्वारा हाल ही में मरम्मत कराया गया था। जिसके एक जॉइन्ट में लगातार हल्के व भारी वाहनों के आवागमन से कॉफी बड़ा गड्ढा हो गया है। जो कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है। …
बाराबंकी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने संजय सेतु के ज्वाइंट में फिर एकबार दरार आ गई है। जिसका पीएनसी द्वारा हाल ही में मरम्मत कराया गया था। जिसके एक जॉइन्ट में लगातार हल्के व भारी वाहनों के आवागमन से कॉफी बड़ा गड्ढा हो गया है। जो कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है। 24 घंटे बीत चुके हैं लेकिन पीएनसी विभाग से जुड़े हुए किसी भी संबंधित अधिकारी ने इसकी सुधि लेना जरूरी नहीं समझा है।
तहसील रामनगर क्षेत्र अंतर्गत सरयू नदी में अचानक पानी बढ़ने से तलहटी के गांव में हड़कंप मचना शुरू हो गया है। वहीं संजय सेतु के नीचे नदी ने कटान शुरू कर दिया है। नदी के लगातार बढ़ने से तलहटी के गांव में दहशत का माहौल है। तो दूसरी ओर बाढ़ खंड द्वारा कटान रोकने का प्रयास शुरू कर दिया गया है।
सूरतगंज के तलहटी में बसे सरसंडा, कचना पुर बबुरी, हेतमापुर, केदारी पुर गांव सहित रामनगर के कोरिन पुरवा मजरे तपेसिपाह और सिरौलीगौसपुर के गोबरहा गांव के पास नदी तेजी से कटान कर रही है। कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के कर्मचारियों द्वारा हरे पेड़ों को डालकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
संजय सेतु के पास में रह रहे लहड़रा गांव के रामराज बताते हैं कि उनके गांव में पानी प्रवेश कर चुका है। इसी सेतु के किनारे लगा पीपल का पेड़ कट कर घाघरा में समा चुका है। यहां बाढ़ खंड के कर्मचारी नदी की कटान रोकने के लिए बोरियों में बालू भरकर डाल रहे हैं। फिलहाल घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ना जारी है।
यह भी पढ़ें:-अयोध्या: बहन से मिलने गए इकलौते भाई की सरयू नदी में डूबने से मौत, परिजनों में मची चीख-पुकार
