पीलीभीत: ठेंगे पर सीएम का फरमान, भू-माफियाओं पर प्रशासन मेहरबान
पीलीभीत, अमृत विचार। सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों की जांच पूरी होने के बाद भी कार्रवाई न होने पर प्रसपा के पूर्व प्रदेश सचिव शशांक मिश्रा ने प्रशासन पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध कब्जे हटाने के निर्देश देते हैं और पीलीभीत प्रशासन भू-माफियाओं पर मेहरबान …
पीलीभीत, अमृत विचार। सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों की जांच पूरी होने के बाद भी कार्रवाई न होने पर प्रसपा के पूर्व प्रदेश सचिव शशांक मिश्रा ने प्रशासन पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध कब्जे हटाने के निर्देश देते हैं और पीलीभीत प्रशासन भू-माफियाओं पर मेहरबान है। आखिर किस दबाव में कार्रवाई नहीं की जा रही?
रेलवे स्टेशन तिराहा के पास स्थित एक होटल पर गुरुवार को की गई प्रेसवार्ता में उन्होंने अपनी बात को खुलकर रखा। उनका कहना था कि नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी समेत कई अन्य विभागों की जमीनों पर कब्जे को लेकर की गई उनकी शिकायत जांच में सही निकली। एसडीएम सदर अपनी जांच में अवैध कब्जे होने की बात स्वीकार कर रहे। मगर, ईमानदार जिलाधिकारी अच्छे-अच्छे चौराहे चमकाते हैं। मगर, इन मामलों में कार्रवाई नहीं होती है? गरीबों की झोपड़ी और चौराहा से खोखे जेसीबी से तोड़े जा रहे हैं। इसे क्या समझा जाए। भू-माफियाओं की ओर से लगातार धमकी मिल रही है।
आरोप लगाया कि बीते दिनों लखनऊ गए तो भी संदिग्ध लोग पीछ करते रहे। पुलिस से सुरक्षा की मांग की तो मुचलका पाबंद किए जाने का नोटिस भेज दिया है। बोल- अगर मेरे साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो पीलीभीत पुलिस-प्रशासन ही जिम्मेदार होगा। यह भी बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन पर 15 जुलाई को होने वाली सत्याग्रह रैली स्थगित कर दी गई है। अगर, 15 दिन में कार्रवाई नहीं होती तो 30 जुलाई को सत्याग्रह रैली भू-माफियाओं पर कार्रवाई की मांग को निकाली जाएगी।
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