लखनऊ : रात्रिकाल में भी कारखानों में काम कर सकेंगी महिलाएं
लखनऊ। प्रदेश सरकार जल्द ही ऐसी सभी दुकानों व प्रतिष्ठानों को पंजीकरण व्यवस्था से मुक्त करने जा रही है जिनमें कर्मचारी नहीं काम करते है। इसके लिए नियमावली में संशोधन हो गया है और जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने एक नीति बनायी …
लखनऊ। प्रदेश सरकार जल्द ही ऐसी सभी दुकानों व प्रतिष्ठानों को पंजीकरण व्यवस्था से मुक्त करने जा रही है जिनमें कर्मचारी नहीं काम करते है। इसके लिए नियमावली में संशोधन हो गया है और जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने एक नीति बनायी है।
इस नीति के तहत महिलाएं अब फैक्ट्री, कारखानों व अन्य प्रतिष्ठानों में रात्रिकाल के दौरान भी काम कर सकेंगी। इसके लिए महिला कर्मचारियों से अनुमति लेना आवश्यक होगा। श्रम एवं सेवायोजन समन्वय विभाग के मंत्री अनिल राजभर ने शुक्रवार को लोकभवन में 100 दिन की उपलब्धियां पत्रकारों से साझा करते हुए दावा किया कि आने वाले समय में पूरे प्रदेश को बाल श्रम से मुक्त करेंगे।
उन्होंने बताया कि बाल श्रम को रोकने के लिए प्रदेश में 100 दिन में ऐसे 200 स्थानों को चिन्हित कर बालश्रम मुक्त क्षेत्र घोषित किया है। इसके साथ ही बंधुआ श्रमिकों के चिन्हांकन और उनके पुनर्वास का काम भी हो रहा है। नया सवेरा योजना वाले 20 जिलों में कामकाजी बच्चों को कार्य से मुक्त कराकर उनका विद्यालयों में प्रवेश कराया जा रहा है और उनके परिजनों को सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।
श्रम मंत्री ने बताया कि 100 दिन में राज्य कर्मचारी बीमा योजना के तहत 104 मेडिकल कैंप लगाए गए। इसमें श्रमिकों के परिवारों का चेकअप किया गया। सौ दिन के भीतर श्रम विभाग ने प्रदेश में 90 रोजगार मेलों का आयोजन किया। इसके माध्यम से 25 हजार लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार मिले।
इसके साथ ही छह सौ कैरियर काउंसिंलिंग के माध्यम से 50 हजार प्रतिभागियों की काउंसिंलिंग की गयी तथा सेवा मिश्र पोर्टल के माध्यम से 7,875 कुशल कामगारों का पोर्टल पर पंजीकरण कराकर 1,350 को घरेलू सेवा उपलब्ध करायी गयी।
उन्होंने बताया कि चीनी व आसवानी उद्योग में श्रमिकों का वेतन पुनरीक्षण कर दिया गया है, जिससे की चीनी मीलों के श्रमिकों को एरियर के रूप में लगभग 78 हजार रुपये मिलेगा तथा लगभग 1600-1700 रुपये तक की वेतन वृद्धि होगी। इसी प्रकार आसवानी उद्योग में एरियर के रूप लगभग 69 हजार रुपये व लगभग 1450 रुपये प्रति माह वेतन में वृद्धि होगी।
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