बरेली: बवाल प्रकरण में पुलिस-प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट, घिरे निगम अफसर

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बरेली, अमृत विचार। सावन के पहले दिन रामजानकी मंदिर के पास चिकन बिरयानी की दुकान का अतिक्रमण तोड़े जाने को लेकर हुए बवाल के प्रकरण में जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से शासन को नगर निगम के विरुद्ध रिपोर्ट भेजी गई है। इससे निगम अफसरों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, मेयर बवाल वाले …

बरेली, अमृत विचार। सावन के पहले दिन रामजानकी मंदिर के पास चिकन बिरयानी की दुकान का अतिक्रमण तोड़े जाने को लेकर हुए बवाल के प्रकरण में जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से शासन को नगर निगम के विरुद्ध रिपोर्ट भेजी गई है। इससे निगम अफसरों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, मेयर बवाल वाले दिन से ही निगम कर्मियों के साथ खड़े हैं।

मेयर ने कहा है कि निगम टीम ने अपना काम किया है। टीम के अतिक्रमण तोड़कर जाने के बाद बवाल हुआ है। पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, तभी मामला बढ़ता गया। पुलिस की लापरवाही पर ही रातों रात इंस्पेक्टर को हटाया गया। निगम कर्मियों की लापरवाही मानी जा रही तो पुलिस इंस्पेक्टर को क्यों हटाया गया। मेयर ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप से कोई लाभ नहीं है।

अब इस बवाल का कारण नगर निगम की लापरवाही बताकर कहा जा रहा टीम अतिक्रमण तोड़ने गई तो पुलिस को सूचना नहीं दी। इससे मामला तूल पकड़ गया। इसी तरह की रिपोर्ट शासन को उसी दिन भेजी गई थी। निगम अफसरों में चिंता का कारण 7 जुलाई का वह पत्र है, जिसमें कई अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। यह पत्र अतिक्रमण हटाने के संबंध में था।

निगम अफसरों की चिंता को दूर करने के लिए मेयर डा. उमेश गौतम ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अतिक्रमण हटाने के लिए उन्होंने निगम टीम को मौके पर भेजा था। निगम की टीम जहां कहीं भी अतिक्रमण हटाने जाती है, पुलिस को सूचना दी जाती है, लेकिन रामजानकी मंदिर के पास निगम की टीम ने अतिक्रमण तोड़ दिया था, तब तक कुछ नहीं हुआ था। टीम के जाने के बाद बवाल हुआ। लेकिन स्थानीय पुलिस उसे भांप नहीं सकी।

वहां के लोगों ने चौकी और थाना प्रभारी सभी को सूचना दी लेकिन कोई पुलिस कर्मी नहीं पहुंचा। मेयर ने कहा कि नगर निगम जहां कहीं अतिक्रमण होगा, उसे हटाएगा। शासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए इतने कर्मचारh दिए हैं तो क्या वे काम नहीं करेंगे। मेयर ने पहले ही दिन कह दिया था कि अतिक्रमण हटाने के लिए टीम को उन्होंने ही मौके पर भेजा था।

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