अमरोहा : हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा वातावरण, मंदिरों में दर्शन कर किया जलाभिषेक
अमरोहा/हसनपुर, अमृत विचार। श्रावण मास के पहले सोमवार को शहर के शिवालयों में शिव भक्तों ने भोले का जलाभिषेक किया। श्रद्धालु सुबह चार बजे से ही लाइनों में लगकर भोलेनाथ को जल चढ़ाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं थे। बता दें कि हसनपुर नगर के शिव मंदिरों में सावन के पहले …
अमरोहा/हसनपुर, अमृत विचार। श्रावण मास के पहले सोमवार को शहर के शिवालयों में शिव भक्तों ने भोले का जलाभिषेक किया। श्रद्धालु सुबह चार बजे से ही लाइनों में लगकर भोलेनाथ को जल चढ़ाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं थे।
बता दें कि हसनपुर नगर के शिव मंदिरों में सावन के पहले सोमवार को शिवभक्त उमड़ पड़े । मंदिरों में सुबह से ही पंचाक्षरी मंत्र के साथ भक्तों ने जलाभिषेक किया। कई मंदिरों में महादेव को दूध,घी से भी अभिषेक किया गया। खासकर शिवजी को जल चढ़ाने लोग मंदिर पहुंचते रहे। तहसील क्षेत्र के श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर सहित क्षेत्र के शिव मंदिरों में विशेष पूजन हुआ।
शिवाला मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सतवीर गिरी ने बताया कि सावन में महादेव को मात्र जल अर्पण करने से ही पुण्य की प्राप्ति होती है।कहां कि कि सावन के महीने में महादेव को जल चढ़ाने के पीछे मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला तब चारों ओर हाहाकार मच गया। विष के असर से देवता और असुर परेशान हो गए। तब सभी ने मिलकर त्रिनेत्र धारी शिव से प्रार्थना कर विष को ग्रहण करने को कहा। महादेव ने समुद्र से निकले विष को पी कर उसे अपने कंठ में रख लिया।
उनका कंठ विष के असर से नीला पड़ गया। उनके पूरे शरीर में जलन होने लगी। तब सभी देवताओं और भक्तों ने उन पर लगातार जल अर्पण किया और यह सिलसिला महीने भर चला। इसलिए सावन के महीने में महादेव को कुछ अर्पण करें या ना करें और उन्हें जल अर्पण करने से ही वे प्रसन्न हो जाते हैं।इस दौरान शिवालयों में सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल मौजूद रहा। नगर पालिका द्वारा भी नगर में सफाई व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए।
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