सहारनपुर : दुष्कर्म व धोखाधड़ी के आरोपी पूर्व एमएलसी को कोर्ट ने भेजा जेल

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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी और धोखाधड़ी समेत आधा दर्जन मुकदमों में वांछित 25 हजार के इनामी पूर्व बसपा एमएलसी महमूद अली पुत्र अब्दुल वहीद निवासीं गांव एवं थाना मिर्जापुर पोल को सोमवार को मिर्जापुर पुलिस ने सहारनपुर की अदालत में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया …

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी और धोखाधड़ी समेत आधा दर्जन मुकदमों में वांछित 25 हजार के इनामी पूर्व बसपा एमएलसी महमूद अली पुत्र अब्दुल वहीद निवासीं गांव एवं थाना मिर्जापुर पोल को सोमवार को मिर्जापुर पुलिस ने सहारनपुर की अदालत में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसएसपी विपिन टाडा ने आज पत्रकारों को बताया कि सहारनपुर के विशेष पुलिस दल ने शनिवार देर शाम महमूद अली को नवी मुंबई के थाना नेरूल अंतर्गत फ्लेट नंबर 601, साईं अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था।

पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर थाना मिर्जापुर लेकर आई। जहां जनरल डायरी में उसकी गिरफ्तारी दर्ज कर सोमवार दोपहर सहारनपुर कोर्ट में पेश किया। एसएसपी ने बताया कि महिला थाना सहारनपुर में महमूद अली के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 डी, 323, 354 क,354 ख, 342 और 7/8 पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज है। एक मुकदमा थाना सदर बाजार सहारनपुर में दर्ज है। धोखाधड़ी और जालसाजी के चार मुकदमें थाना मिर्जापुर में दर्ज है। चार दिन पूर्व ही महमूद अली पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
महमूद अली मिर्जापुर पोल स्थित ग्लोकल यूनिवर्सिटी के संचालकों में भी शामिल है।

इसी तरह के मामलों में उसके बड़े भाई पूर्व बसपा एमएलसी और बहुचर्चित खनन कारोबारी इकबाल उर्फ बाल्ला अभी फरार है।एसएसपी ने बताया कि पुलिस गिरफ्तार महमूद अली से पूछताछ करेगी। कुछ मामलों में उन्होंने हाईकोर्ट से स्टे लिया हुआ है। एसएसपी ने बताया कि फरार हाजी इकबाल की गिरफ्तारी पर भी 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। सर्विलांस के जरिए और मुखबिरों की सहायता से पुलिस इकबाल बाल्ला तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि इकबाल बाल्ला मजबूत राजनीतिक संरक्षण में पनाह लिए हुए है। दोनों भाइयों के पुलिस और कानून से बचने के सभी प्रयास नाकाम हो चुके हैं। कई केंद्रीय एजेंसियां इन लोगों की वर्षों से जांच कर रही है लेकिन किसी भी एजेंसी ने इस परिवार के सदस्यों को कभी गिरफ्तार करने की ज़हमत नहीं उठाई। पूर्व एसएसपी आकाश तोमर और मौजूदा एसएसपी विपिन टाडा ने इस परिवार के रसूखदार और ऊंची पहुंच वालों पर हाथ डाला और जेल के सलाखों के पीछे भेजने का काम किया।

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