अयोध्या नगर निगम के 60 वार्डों के परिसीमन की अधिसूचना जारी, मांगी आपत्तियां
अयोध्या। जिला प्रशासन की ओर से नगर निगम के वार्डों के नए परिसीमन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी अधिसूचना में वार्डों की संख्या यथावत रखते हुए निगम सीमा के दायरे में आए 41 गांवों को पहले से बने वार्डों में ही समाहित किया गया है, जिसके चलते इस बार नगर निगम में …
अयोध्या। जिला प्रशासन की ओर से नगर निगम के वार्डों के नए परिसीमन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी अधिसूचना में वार्डों की संख्या यथावत रखते हुए निगम सीमा के दायरे में आए 41 गांवों को पहले से बने वार्डों में ही समाहित किया गया है, जिसके चलते इस बार नगर निगम में सबसे बड़ा वार्ड अशोक सिंघल वार्ड होगा, जिसमें 17 मोहल्ले शामिल रहेंगे।
जारी अधिसूचना के अनुसार वार्ड संख्या 51 अशोक सिंघल वार्ड में नया घाट, कच्चा घाट व फटिक शिला जैसे मोहल्ले शामिल होंगे। सबसे छोटे वार्ड की बात करें तो वार्ड संख्या 33 का साकेत नगर होगा, जिसमें तीन मोहल्ले निहित हैं। सरदार पटेल, दशरथ कुंड व रामकोट वार्ड में 14-14 मोहल्लों को शामिल किया गया है। इसी के साथ ही नए वार्डों में से अधिकतर के नाम महापुरुषों के नाम पर रखे गए हैं।
वार्डों की सूची में नए नाम दिए गए हैं उनमें अभिराम दास वार्ड, अवैधनाथ, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, चौधरी चरण सिंह, कौशलपुरी, लाला लाजपत राय नगर, परमहंस दास रामचंद्र दास, सावरकर नगर, कपूर्री ठाकुर, पंडित दीन दयाल नगर, महाराणा प्रताप, संत रविदास नगर, सरदार भगत सिंह, सरदार पटेल नगर, चित्रगुप्त नगर, अटल नगर, अशफाक उल्ला खां और कबीरनगर व निषादराज नगर शामिल हैं।
इसके अलावा प्रखर हिंदूवादी नेता पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर भी वार्ड का नामकरण किया गया है। जारी अधिसूचना के अनुसार इसके अतिरिक्त राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया, विक्रमादित्य नगर, शहीद अब्दुल हमीद व जयप्रकाश नारायण के नाम पर भी वार्ड बने हैं। वहीं लक्ष्मीसागर नगर, मंगल पांडेय, शिवाजी नगर, अशोक सिंघल नगर, चंद्रशेखर नगर, अग्रसेन नगर, चंद्रगुप्त नगर, झूलेलाल नगर, स्वामी विवेकानंद के नाम पर वार्डों का नामकरण किया गया है।
हर वार्ड का सीमा क्षेत्र बढ़ा
शासन द्वारा पहले से चिन्हित 41 गांवों को 60 वार्डों में समाहित करने के बाद लगभग सभी वार्डों का सीमा क्षेत्र भी बढ़ गया है। सबसे बड़े सीमा क्षेत्र वाला अशोक सिंघल वार्ड है। साठ वार्डों में उनके निकटवर्ती गांवों को जोड़ा गया है। हालांकि किसी किसी वार्ड में यह आंशिक तो कहीं पूर्ण रूप से जोड़े गए हैं।
नवम्बर में संभावित है निकाय चुनाव
शासन की ओर चल रही निकायों में तैयारियों को लेकर निकाय चुनाव नवम्बर में संभावित माना जा रहा है। इसी लिए वार्डों के गठन और परिसीमन की कवायद तेजी से चल रही है।
परिसीमन सूची अभी फाइनल नहीं
जिला प्रशासन की ओर से नगर निगम के वार्डों के नए परिसीमन की जो अधिसूचना जारी की गई है। उसके लिए लोगों से आपत्तियां भी मांगी गई हैं। अगर आपत्त्यिां आती हैं तो वार्डों के मोहल्लों में फेरबदल हो सकता है। इसके लिए प्रशासन ने लोगों को 10 दिन का समय दिया है।
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