रामपुर : भोजन की खराब गुणवत्ता पर भड़के 150 छात्र, आठ घंटे तक छात्रावास में खुद को किया कैद

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रामपुर, अमृत विचार। राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कालेज में भोजन की अत्यंत घटिया गुणवत्ता पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कालेज के करीब 150 छात्रों ने खुद को करीब आठ घंटे तक छात्रावास का चैनल गेट बंद करके कैद रखा। छात्रावास का चैनल गेट खोलने की एडीएम प्रशासन और पुलिस की अपील को भी ठुकरा …

रामपुर, अमृत विचार। राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कालेज में भोजन की अत्यंत घटिया गुणवत्ता पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कालेज के करीब 150 छात्रों ने खुद को करीब आठ घंटे तक छात्रावास का चैनल गेट बंद करके कैद रखा। छात्रावास का चैनल गेट खोलने की एडीएम प्रशासन और पुलिस की अपील को भी ठुकरा दिया। छात्र मुंह पर ढाटे बांधे खिड़कियों से झांककर जिलाधिकारी से वार्ता कराए जाने पर अड़े रहे। बीच-बीच में वह छात्रावास में पटाखों से धमाके करते रहे। मुरादाबाद से मीटिंग के बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ शाम करीब चार बजे सीधे कालेज पहुंचे। डीएम को कालेज में आया देख छात्रों ने छात्रावास के चैनल गेट खोल दिए और बाहर आ गए। जिलाधिकारी ने रसोईघर का मुआयना करने के बाद छात्राओं की बात को तसल्ली से सुना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया, इसके बाद छात्र शांत हुए।

कालेज के छात्रों को अत्यंत घटिया गुणवत्ता का भोजन दिए जाने की शिकायत काफी पुरानी है उन्हें बासी और सूड़ियों वाला खाना दिया जाता है। खराब खाना मिलने पर मंगलवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह उन्हें नाश्ते में दलिया और चाय दी गई थी इसके बाद छात्रों ने खुद को छात्रावास में कैद कर लिया। वह सुबह 10 बजे होने वाली प्रेयर में भी नहीं आए। कालेज का स्टॉफ उन्हें देखने के लिए पहुंचा लेकिन, छात्र तब तक छात्रावास के चैनल गेट में ताला डालकर खुद को कैद कर चुके थे।

इसके बाद छात्रों ने हंगामा करना शुरू कर दिया सूचना मिलने पर एडीएम प्रशासन और सिटी मजिस्ट्रेट निरंकार सिंह मौके मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। छात्रों को मनाने के लिए एडीएम प्रशासन ने तमाम जतन किए लेकिन, छात्र एक ही बात पर अड़े हुए थे उनकी जिलाधिकारी से वार्ता कराई जाए। जिलाधिकारी मुरादाबाद में बैठक में गए हुए थे। अपराह्न करीब 2:40 बजे शहर कोतवाल पहुंचे और एडीएम प्रशासन को डीएम बताते हुए बात करने को कहा। लेकिन, छात्रों ने कहा कि यह एडीएम हैं उन्हें डीएम से बात करना है।

इसके बाद छात्रों ने छात्रावास में सामान की तोड़फोड़ शुरू कर दी और पटाखे दागे जिसकी आवाजें परिसर में खड़े अधिकारियों और मीडियाकर्मियों ने सुनी इसके बाद पुलिस बैक फुट पर आ गई। शाम करीब चार बजे जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ कालेज परिसर में पहुंचे। जिलाधिकारी को कालेज में देख तमाम छात्र चैनल गेट खोलकर बाहर आ गए और कहा कि उनके दो साथी बीमार हैं उन्हें उचित इलाज नहीं मिल रहा है। इसके अलावा भोजन की अत्यंत घटिया गुणवत्ता और कालेज में पढ़ाई नहीं होने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने रसोईघर का निरीक्षण किया और छात्रों को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी इसके बाद छात्र शांत हुए।

प्रथम दृष्टया प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी है छात्रों को घटिया भोजन दिया जा रहा है उन्हें इसका ज्ञान नहीं है ऐसा हो नहीं सकता। प्रधानाचार्य के निलंबन की कार्रवाई होगी। इसके अलावा ठेकेदार के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा।
-लालता प्रसाद शाक्य, एडीएम प्रशाासन

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