बाराबंकी: गोदाम बन गया जिला पंचायत के एएमए का आवास, ध्वस्त होती जा रही व्यवस्था
बाराबंकी। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी का सरकारी आवास अब गोदाम बन गया है। अन्य कर्मचारियों के आवास की हालत भी ठीक नहीं है। अधिकारी बाराबंकी जिला मुख्यालय पर निवास नहीं करते इसलिए उनके आवास के एक-एक कर ध्वस्त होते चले गए। जिला पंचायत नई सिविल लाइन में अपने अपर मुख्य अधिकारी सहित दर्जनभर …
बाराबंकी। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी का सरकारी आवास अब गोदाम बन गया है। अन्य कर्मचारियों के आवास की हालत भी ठीक नहीं है। अधिकारी बाराबंकी जिला मुख्यालय पर निवास नहीं करते इसलिए उनके आवास के एक-एक कर ध्वस्त होते चले गए। जिला पंचायत नई सिविल लाइन में अपने अपर मुख्य अधिकारी सहित दर्जनभर अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास बना रखे हैं। लेकिन इन आवासों में एक तो कर्मचारियों को छोड़कर कोई नहीं रहता। रंगाई पुताई सफाई ना होने के कारण अपर मुख्य अधिकारी का आवास पूरी तरह कंडम हो गया है। आवासों की हालत भी ठीक नहीं है। आवास यूं ही नहीं खराब हुए। अपना में रहते हैं। हालांकि अन्य विभागों की हालत भी इससे जुदा नहीं है।
भारी भरकम बजट होने के बावजूद जिला पंचायत के अधिकारी नहीं चाहते कि उनके आवास दुरुस्त हों। आवाज खराब है इसलिए उन्हें एचआरए तो मिलता ही है साथ ही लखनऊ स्थित अपने आवास में रहने का मौका भी। यही कारण है कि आवासों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। लखनऊ से सटा होने के कारण अधिकारियों की दिलचस्पी बाराबंकी में रुकने में नहीं रहती। अधिकारी मुख्यालय पर नहीं रहते इसलिए विकास कार्य भी प्रभावित हो रहा है। जिला पंचायत द्वारा प्रस्तावित एक भी अमृत सरोवर की खोदाई का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
जिला पंचायत द्वारा बनवाई गई सड़कों की हालत भी ठीक नहीं है।ऐसा नहीं है कि जिला पंचायत अध्यक्ष को इसकी जानकारी न हो। सब कुछ जान कर भी अंजान बनी हुई है। खुद भी वे कभी-कभार ही जिला पंचायत के अपने कार्यालय में बैठती हैं। अपर मुख्य अधिकारी स्वीकार करते हैं कि यहां रहने की दिक्कत है इसलिए उन्हें आना-जाना पड़ता है।
