अयोध्या : झमाझम बरसात से खिले किसानों के चेहरे, पारे में आई गिरावट

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। गर्मी और उमस झेल रहे लोगों के लिए बुधवार का दिन किसी वरदान से काम नहीं रहा। दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश से हर तरफ पानी ही नजर आया। अयोध्या में सावन की पहली बारिश ने जनपदवासियों को पूरी तरह से तरबतर कर दिया। बुधवार दोपहर 1:30 बजे शुरू हुई बारिश से …

अयोध्या, अमृत विचार। गर्मी और उमस झेल रहे लोगों के लिए बुधवार का दिन किसी वरदान से काम नहीं रहा। दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश से हर तरफ पानी ही नजर आया।

अयोध्या में सावन की पहली बारिश ने जनपदवासियों को पूरी तरह से तरबतर कर दिया। बुधवार दोपहर 1:30 बजे शुरू हुई बारिश से न सिर्फ उमस भरी गर्मी से राहत मिली बल्कि धान किसानों की भी बांछे खिल उठी हैं। टेम्परेचर का टॉर्चर झेल रहे लोग सड़कों पर निकले बारिश में भीग कर लुत्फ उठाया। इधर, बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की भी स्तिथि उत्पन्न हो गई है। कई घरों में भी बरसाती पानी घुस गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 33 एमएम बारिश हुई है। आगामी 24 घंटे में भारी बरसात की संभावना जताई है।

सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहा। कभी धूप तो कभी छांव वाली स्तिथि रही। अचानक दोपहर में काले बादल छा गए और घनघोर बारिश ने जोर पकड़ लिया। इस दौरान दिन में भी अंधेरा छा गया और वाहन सवारों को हेडलाइट का सहारा लेना पड़ा। स्कूल से लौट रहे बच्चे भी भीगते हुए घर पहुंचे।

वहीं ग्रामीण इलाकों में बारिश के बाद किसान गदगद नजर आए। धान लगाने वाले किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। किसानों का मानना है कि उनके परती पड़े खेतों में बहार आ गई है। अभी तक सिंचाई के कारण धान की रोपाई नहीं हो पा रही थी। बारिश होने के बाद उन्हें काफी राहत मिलेगी। पूराबाजार प्रतिनिधि के अनुसार पश्चिमी और दक्षिणी इलाके में झमाझम बारिश हुई। क्षेत्र के सराय चैमल गांव निवासी किसान शोभाराम वर्मा ने बताया कि देर से हुई बरसात के चलते धान की रोपाई प्रभावित हो गई थी और गन्ने का विकास रुक गया था।

झलियावा के रामनयन प्रिंस पांडे, गुड्डू पांडे, दिनेश पांडे ने कहा कि बरसात अच्छी हुई, लेकिन देर से बरसात के चलते किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है। वही पूरा बाजार में सिर्फ बूंदाबांदी हुई है। सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार किसानों में खुशी है। किसान बब्बू पांडेय ने कहा यही बरसात यदि धान रोपाई के समय होती तो हम किसानों को बहुत ज्यादा नुकसान नही उठाना पड़ता। किसान सुरेश सिंह ने बताया कि 4 बीघा गन्ने की फसल लगाई थी, लेकिन पानी न मिलने के कारण गन्ने की बाढ़ पर बहुत असर पड़ा है।

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