बरेली: 15 अगस्त या 26 जनवरी को ही नहीं, युवाओं में बढ़ रहा तिरंगे का क्रेज
बरेली, अमृत विचार। 15 अगस्त और 26 जनवरी के मौके पर युवा हाथों में तिरंगा लेकर शहर में निकलते हैं, लेकिन अब राष्ट्रीय पर्वों के अलावा भी युवाओं में तिरंगे का क्रेज बढ़ रहा है। अक्सर देखा जाता है कि धार्मिक कार्यक्रम हो या किसी बात को लेकर विरोध प्रदर्शन, हर जगह पर देश का राष्ट्रीय ध्वज …
बरेली, अमृत विचार। 15 अगस्त और 26 जनवरी के मौके पर युवा हाथों में तिरंगा लेकर शहर में निकलते हैं, लेकिन अब राष्ट्रीय पर्वों के अलावा भी युवाओं में तिरंगे का क्रेज बढ़ रहा है। अक्सर देखा जाता है कि धार्मिक कार्यक्रम हो या किसी बात को लेकर विरोध प्रदर्शन, हर जगह पर देश का राष्ट्रीय ध्वज दिखाई देता है। आज ही के दिन भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को इसके वर्तमान स्वरूप में 22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था।

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज भारत के नागरिकों की आशाएं और आकांक्षाएं दर्शाता है। यह हमारे राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है। 22 जुलाई को पूरे देश में तिरंगा दिवस मनाया जा रहा है। पहले के समय में देखा जाता था कि स्कूली बच्चे 15 अगस्त और 26 जनवरी के मौके पर हाथों में तिरंगा लेकर घूमा करते थे मगर अब धीरे-धीरे शहर के युवाओं में तिरंगे के प्रति क्रेज बढ़ता ही जा रहा है। अब दुकानों पर हर समय तिरंगे की बिक्री होती है। इसके अलावा ऑटो से लेकर कार और बड़े वाहनों पर तिरंगा बना हुआ दिख जाता है तो शहर में बरेली जंक्शन और गांधी उद्यान में भी शान से तिरंगा लहरा रहा है।
अगर धार्मिक यात्रा में लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर जाते हैं तो उन्हें उसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। सरकार को तिरंगे का अपमान करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए।- उत्तम मिश्रा, छात्र
देश के राष्ट्रीय घ्वज का सभी को सम्मान करना चाहिए। अब हर मौके पर लोग तिरंगे को लेकर शामिल होते हैं, जिससे लोगों के दिल में देश भक्ति की भावना जागती है।- हर्षित सक्सेना, छात्रा
15 अगस्त और 26 जनवरी के मौके पर तिरंगा लेकर हाथ में लेकर घूमा करते थे। आज भी तिरंगे कार्यक्रमों में युवा तिरंगा लेकर दिखते है तो बचपन की यादे ताजा हो जाती है।- ईशा गांधी, छात्रा
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