आयोध्या: बिना मैदान स्कूलों में दे दिए गए खेल के फरमान, 1800 परिषदीय विद्यालयों में नहीं है खेल के मैदान
अयोध्या। परिषदीय स्कूलों में सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड के फरमान को लेकर शिक्षक हैरान हैं। जिले के 1800 परिषदीय विद्यालयों में से एक में भी खेल का मैदान नहीं है ऐसे में खेल पीरियड का आदेश संकट बन गया है। गौरतलब हो कि इन स्कूलों में अब सप्ताह में चार दिन खेल के …
अयोध्या। परिषदीय स्कूलों में सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड के फरमान को लेकर शिक्षक हैरान हैं। जिले के 1800 परिषदीय विद्यालयों में से एक में भी खेल का मैदान नहीं है ऐसे में खेल पीरियड का आदेश संकट बन गया है। गौरतलब हो कि इन स्कूलों में अब सप्ताह में चार दिन खेल के पीरियड होंगे। दो दिन स्काउट गाइड की गतिविधियां होंगी। उद्देश्य है कि इससे बच्चों में खेल के साथ ही स्पर्धा की भावना भी बढ़ेगी।
इसके लिए विद्यालयों में खेल सामग्री खरीदने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में पांच हजार रुपये व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में दस हजार रुपये दिए गए हैं। बीएसए संतोष कुमार राय ने बताया सप्ताह में चार दिन खेल कूद कराए जाने व दो दिन स्काउट गाइड गतिविधि कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें छात्रों की रुचि के अनुसार सामग्री मिलेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि खेल मैदानों का अभाव है लेकिन जो भी गतिविधि हो वह कराई जाएगी।
खेल अनुदेशकों की कमी भी बनेगी बाधा : नौनिहालों को खेल की बारीकी सिखाने के लिए अच्छे कोच की भी जरुरत है। इसके लिए खेल अनुदेशक हैं। लेकिन उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सापेक्ष एक तिहाई ही खेल अनुदेशक तैनात हैं। जिससे अन्य स्कूलों में खेल गतिविधियां प्रभावित रहेंगी। जिले में कुल 1800 परिषदीय विद्यालयों में मात्र 683 अनुदेशक तैनात हैं। इनमें सिर्फ 276 खेल अनुदेशक हैं। जिससे साफ है कि सिर्फ 276 उच्च प्राथमिक व कम्पोजिट विद्यालयों में ही नौनिहालों को खेल का बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।
