बहराइच: घाघरा के कटान की भेंट चढ़ गई 50 बीघा किसानों की खेती योग्य जमीन, विद्यालयों व बाजार पर मडराया खतरा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बहराइच। कैसरगंज तहसील के मंझारा टौकली गांव में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। नदी ने शुक्रवार को कटान करते हुए ग्रामीणों की 50 बीघा खेती योग्य जमीन को धारा में समाहित कर लिया। वहीं नदी अब दो प्राथमिक विद्यालय भवन और ग्यारह सौ रेती बाजार को कटान में समाहित करने के लिए …

बहराइच। कैसरगंज तहसील के मंझारा टौकली गांव में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। नदी ने शुक्रवार को कटान करते हुए ग्रामीणों की 50 बीघा खेती योग्य जमीन को धारा में समाहित कर लिया। वहीं नदी अब दो प्राथमिक विद्यालय भवन और ग्यारह सौ रेती बाजार को कटान में समाहित करने के लिए लालायित है। तहसीलदार ने मौके पर राजस्व टीम को जांच के लिए भेजा है।

कैसरगंज तहसील के ग्राम मंझारा तौकली, ग्यारह सौ रेती, भिर्गु पुरवा, चंदेवपुरवा, रोहित पुरवा अनुसूचित बस्ती आदि गांवो में घागरा ने फिर तबाही मचाना शुरू कर दिया है। मंझारा तौकली गांव में नदी ने कटान करते हुए दर्जनों ग्रामीणों की 50 बीघा खेती योग्य जमीन को धारा में समाहित कर लिया है। ग्राम पंचायत की प्रमुख बाजार ग्यारह सौ रेती कटान के मुहाने पर आ गया है। वहीं पर बने दो प्राथमिक विद्यालय जो घाघरा की कटान से महज 50 मीटर की दूरी पर आ है। जल्द वह भी कटान की चपेट में आ जाएँगे।

जिस तरह से बीते 5 वर्षों से लगातार घाघरा तबाही मचा रही हैं, उससे तो लगता है कि एक सप्ताह में स्कूलों के साथ ग्यारह सौ रेती बाजार हरिजन बस्ती का नामोनिशान मिट जायेगा। ग्रामीण इंदल निषाद, कृष्ण मुरारी, अशोक कुमार, सुरेश निषाद और पंकज ने बताया कटान से बचाने की मांग को लेकर प्रशासन द्वारा अब तक कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है। जिससे ग्रामीण आक्रोशित भी हैं और अपने किस्मत पर रो रहे हैं हर बार यह घाघरा हजारों लोगों को सड़क पर ले आती है। फिर भी प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है।

मिलेगा मुआवजा

तहसीलदार कैसरगंज अमर चंद्र वर्मा ने बताया कि राजस्व टीम लगाई गई है सर्वेक्षण चल रहा है। जिनका खेत कट रहा है। उन्हें 37हजार 5सौ रुपये प्रति हेक्टियर व जिनके पक्के घर कट रहे है उन्हें 95हजार रुपयों का मुवावजा दिलाया जाएगा और उचित स्थानों पर बसाने की भी परिक्रिया की जा रही है।

यह भी पढ़ें:-अयोध्या : बाढ़ में कटान रोकने को मिले 2.42 करोड़, प्रशासन ने नहीं किया बचाव का कोई इंतजाम

संबंधित समाचार