पीलीभीत: जानलेवा हमले के मामले में चार अधिवक्ता गए जेल, 10-10 हजार का था इनाम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

 पीलीभीत, अमृत विचार। जानलेवा हमला करने के मामले में 10-10 हजार रुपये के इनामी अधिवक्ता आखिरकार जेल भेज दिए गए। एक दिन पूर्व आत्मसमर्पण याचिका खारिज होने के बाद चारों अधिवक्ताओं ने स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट की अदालत में आत्मसमर्पण किया। उनके नियमित जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट शिवा …

 पीलीभीत, अमृत विचार। जानलेवा हमला करने के मामले में 10-10 हजार रुपये के इनामी अधिवक्ता आखिरकार जेल भेज दिए गए। एक दिन पूर्व आत्मसमर्पण याचिका खारिज होने के बाद चारों अधिवक्ताओं ने स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट की अदालत में आत्मसमर्पण किया। उनके नियमित जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट शिवा पांडेय ने 26 जुलाई की तिथि नियत की और तीन अधिवक्ता का अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र भी सुनवाई के बाद निरस्त कर दिए।

इसके बाद चारों को पुलिस अभिरक्षा में लेते हुए जिला कारागार भेज दिया। राज्य सरकार की ओर से पैरवी अभियोजन अधिकारी अखिलेश कुमार ने की। घटना 20 जून को हुई थी। सुनगढ़ी क्षेत्र के बरहा गांव निवासी अधिवक्ता सूरजपाल ने कोतवाली में जानलेवा हमला और एससी एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जिसमें बताया था कि सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी के आरोपी पूरनपुर निवासी राहुल सक्सेना की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रही जमानत सुनवाई के दौरान अधिवक्ता मोहम्मद जावेद, तारिक अली बेग, नदीम कुरैशी, नाहिद खां, इमरान चिश्ती और 20 अज्ञात लोगों ने पहले राहुल सक्सेना से गाली गलौज की। बचाने पर पीड़ित अधिवक्ता पर भी जानलेवा हमला किया था। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर धमकाया।

आरोपियों पर पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। न्यायालय में दाखिल की गई सरेंडर याचिका पर 21 जुलाई नियत की गई थी, लेकिन कोई अभियुक्त हाजिर नहीं हुआ। जिसके बाद स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट शिवा पांडेय की अदालत में स्थगन प्रार्थना पत्र एवं आत्मसमर्पण प्रार्थना पत्र खारिज किए थे।

दूसरे दिन शुक्रवार को आरोपी नदीम को छोड़ अन्य चारों अधिवक्ताओं ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। जिसमें से तीन अधिवक्ताओं तारीक अली बेग, इमरान चिश्ती, नाहिद खां ने अंतरिम जमानत के लिए प्रार्थना दिए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिए। उसके बाद आत्मसमर्पण करने वाले चारों अधिवक्ताओं को जेल भेज दिया गया।

यह भी पढ़ें- पीलीभीत: 12वीं CBSE का परिणाम घोषित, लिटिल एंजिल्स के पारस ने किया टॉप, दूसरे स्थान पर रहे विवेक, अदिति

संबंधित समाचार