शाहजहांपुर: पैरवी न कर पाने वाले बंदियों की जेल में सुनवाई, 18 हुए रिहा
अमृत विचार, शाहजहांपुर। जिन बंदियों की पैरवी करने वाला कोई नहीं है, उनकी जेल में ही सुनवाई की गई, जिसमें 28 बंदियों को रिहा किया गया। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि तमाम बंदी अपने केस की पैरवी अधिवक्ता नियुक्त कर नहीं करा पाते, जिससे उनकी जमानत नहीं हो पाती। जमानत मंजूर हो जाने …
अमृत विचार, शाहजहांपुर। जिन बंदियों की पैरवी करने वाला कोई नहीं है, उनकी जेल में ही सुनवाई की गई, जिसमें 28 बंदियों को रिहा किया गया। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि तमाम बंदी अपने केस की पैरवी अधिवक्ता नियुक्त कर नहीं करा पाते, जिससे उनकी जमानत नहीं हो पाती।
जमानत मंजूर हो जाने पर गरीबी के कारण या जिनकी कोई जमानत लेने को तैयार नहीं होता, ऐसे बंदियों के केसों का निस्तारण कराने के लिए जेल में लोक अदालत लगाकर केसों का निस्तारण किया गया। इसी के साथ 18 बंदियों को रिहा कर दिया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज (सीनियर डिविजन) ने 3 केसों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इनमें रामशंकर, सरबजीत, मेवा, सुखराम, गौरव, नवनीत, हंसराम, आशीष, सूरजपाल, मुश्ताक, पृथ्वीराज, कदीर, दिनेश, रामवीर, अफरोज, विमलेश आदि रिहा हुए।
