लखनऊ : साढ़े तीन माह में 328 दोषियों को उम्रकैद…जानें पूरा मामला
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के जरिए प्रदेश भर में आरोपियों को कठोरतम दण्ड दिलाए जाने की दिशा में इस साल 25 मार्च से 16 जुलाई तक लगभग साढ़े तीन माह से अधिक की अवधि में पॉक्सो अधिनियम, महिलाओं के खिलाफ लैंगिक, बलात्कार एवं अन्य गंभीर अपराधों के साथ-साथ …
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के जरिए प्रदेश भर में आरोपियों को कठोरतम दण्ड दिलाए जाने की दिशा में इस साल 25 मार्च से 16 जुलाई तक लगभग साढ़े तीन माह से अधिक की अवधि में पॉक्सो अधिनियम, महिलाओं के खिलाफ लैंगिक, बलात्कार एवं अन्य गंभीर अपराधों के साथ-साथ अन्य अपराधों में प्रभावी पैरवी के जरिए 328 आरोपियों को आजीवन कारावास, 594 आरोपियों को 10 वर्ष से अधिक की सजा तथा 1834 आरोपियों को 10 वर्ष से कम की सजा दिलाने में सफलता मिली है।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि माफिया अपराधियों के मामलों में प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप जिला बिजनौर में आरोपीमुनीर को एक वाद में दस वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख रुपए के अर्थदण्ड और एक अन्य वाद में मृत्यु दण्ड व एक लाख रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित कराया गया है। आजमगढ में आरोपी ध्रुव सिंह उर्फ कुण्टू सिंह को एक वाद में दस वर्ष के सश्रम कारावास तथा 50 हजार रुपए के अर्थदण्ड से एवं एक अन्य वाद में आजीवन कारावास व 50 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित कराया गया है। पैरवी के फलस्वरूप एक माह की अवधि के भीतर 14 मामलों में आरोपी को सजा दिलायी गयी है। इसके तहत जिला अमरोहा के 3 वादों, जिला अम्बेडकर नगर के 4 वादों, आजमगढ़ व कानपुर नगर के 2-2 वादों तथा बदायूं, बरेली एवं श्रावस्ती जिलों में एक-एक वाद में आरोपियों को सजा दिलाने में सफलता मिली है।
पॉक्सो के मामले में कराई 892 आरोपियों को सजा
अपर पुलिस महानिदेशक अभियोजन आशुतोष पाण्डे ने बताया है कि पॉक्सो न्यायालयों में इस वर्ष विगत 25 मार्च से 16 जुलाई तक की अवधि में प्रदेश में 892 आरोपियों को सजा करायी गयी जिनमें से 145 को आजीवन कारावास 291 को 10 वर्ष या उससे अधिक की सजा तथा 456 आरोपियों को 10 वर्ष से कम की सजा करायी गयी है। पॉक्सो अधिनियम में सबसे अधिक 16 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा जिला वाराणसी में करायी गयी है।
दूसरे स्थान पर जिला लखनऊ रहा जहां आठ आरोपियों को सजा करायी गयी। तीसरे स्थान पर जिला चन्दौली, रायबरेली व शामली रहे जहॉ 6-6 आरोपियों को सजा करायी गयी है। दस वर्ष या उससे अधिक सजा कराने में भी वाराणसी को सर्वाधिक सफलता मिली है, जहां 23 आरोपियों को सजा करायी गयी है। इसी तरह 13 आरोपियों को सजा कराकर बरेली दूसरे स्थान पर तथा 12 आरोपियों को सजा कराकर आगरा तीसरे स्थान पर रहा है। 10 वर्ष से कम सजा कराने में भी जिला वाराणसी अहम रहा है, जहां सर्वाधिक 34 आरोपियों को सजा मिली। 25 आरोपियों को सजा दिलाकर जिला बरेली दूसरे स्थान पर तथा 16 आरोपियों को सजा दिलाकर गाजीपुर तीसरे स्थान पर रहा है।
बलात्कार में 1864 आरोपियों को मिली सजा
महिलाओं के विरूद्ध लैंगिक बलात्कार व अन्य गम्भीर अपराधों में 1864 आरोपियों को सजा दिलायी गयी है। इसमें 183 आरोपियों को आजीवन कारावास, 303 आरोपियों को 10 वर्ष या उससे अधिक की सजा एवं 1378 आरोपियों को 10 वर्ष से कम की सजा करायी गयी। इस अभियान में सबसे अधिक 17 आरोपियों को आजीवन कारावास कराने वाले जिला जौनपुर है।
दूसरे स्थान पर संतकबीरनगर में 12 तथा तीसरे स्थान पर जिला अलीगढ व उन्नाव में 11-11 आरोपियों को सजा दिलायी गयी है। दस वर्ष या उससे अधिक सजा कराने में जिला फतेहपुर में सर्वाधिक 19 आरोपियों को सजा करायी गयी है। इसके तहत दूसरे स्थान पर वाराणसी तथा सीतापुर रहा जहां 17-17 आरोपियों को तथा तीसरे स्थान पर जिला बदायूं रहा, जहां 13-13 आरोपियों को सजा दिलाई गयी। दस वर्ष से कम सजा कराने वाले जिलों में जिला गाजीपुर सर्वोच्च स्थान पर रहा है, जहां सर्वाधिक 73 आरोपियों को सजा करायी गयी। 68 आरोपियों को सजा दिलाकर जिला सीतापुर दूसरे स्थान पर तथा 51 आरोपियों को सजा दिलाकर जिला इटावा तीसरे स्थान पर रहा है।
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