Antifungal Susceptibility Testing से कारगर दवाइयों का चलेगा पता, बीमारियों का इलाज होगा आसान

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लखनऊ। एंटीफंगल ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग के जरिए बीमारी में कौन सी दवा ज्यादा कारगर होगी,यह पता लगाना आसान होगा। ब्लैक फंगस जैसी बीमारी में एंटीफंगल ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग का विशेष महत्व बताया जा रहा है। इसी महत्व को बताने के लिए केजीएमयू में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन माइक्रोबायलॉजी विभाग द्वारा किया गया। जिसमें प्रदेश के करीब …

लखनऊ। एंटीफंगल ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग के जरिए बीमारी में कौन सी दवा ज्यादा कारगर होगी,यह पता लगाना आसान होगा। ब्लैक फंगस जैसी बीमारी में एंटीफंगल ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग का विशेष महत्व बताया जा रहा है। इसी महत्व को बताने के लिए केजीएमयू में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन माइक्रोबायलॉजी विभाग द्वारा किया गया।

जिसमें प्रदेश के करीब 10 मेडिकल कॉलेजों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। एंटीफंगल ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग से म्यूकोरमाइकोसिस जैसी बीमारियों पर कौन सी दवा कारगर होगी,यह पता लगाना आसान होगा। दरअसल,कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को परेशान किया,दूसरी लहर ने तो लोगों के मन में डर पैदा कर दिया था,लेकिन उसके बाद स्थित और भी ज्यादा खराब हो गयी।

कोविड-19 से ठीक हुये कई मरीज म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगल के शिकार हो गये। उस दौरान इन मरीजों के इलाज में चिकित्सकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीमारी को ठीक करने के लिए कारगर दवाइयों की जानकारी जरूरी थी, इसी के चलते केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने एंटीफंगल ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग के जरिये ब्लैक फंगस की सटीक दवा तलाशने में सफलता हासिल की और इस जांच की तकनीक अन्य मेडिकल कॉलेजों को भी बताया।

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