मुरादाबाद : गुमशुदा हो गए सपने, अधूरी रह गई विवेचक की तलाश

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श्रीशचंद्र मिश्र, अमृत विचार। पीतलनगरी में जिन कंधों पर अपनों के सपने व उम्मीदें पूरे करने का भार था, वह जिंदगी की राह में गुमशुदा हो गए। थाने की जीडी में गुमशुदगी तो दर्ज हो गई, अफसोस कि पीड़ितों के खो चुके सपनों को महीनों बाद भी दारोगाजी तलाश नहीं सके। महज छह माह में …

श्रीशचंद्र मिश्र, अमृत विचार। पीतलनगरी में जिन कंधों पर अपनों के सपने व उम्मीदें पूरे करने का भार था, वह जिंदगी की राह में गुमशुदा हो गए। थाने की जीडी में गुमशुदगी तो दर्ज हो गई, अफसोस कि पीड़ितों के खो चुके सपनों को महीनों बाद भी दारोगाजी तलाश नहीं सके। महज छह माह में 221 महिला व पुरुष लापता हो चुके हैं। इनमें से 105 गुमशुदा महिला व पुरुष 25 वर्ष या इससे कम उम्र के हैं। गुमशुदा की सूची में 115 महिलाएं हैं।

मुरादाबाद पुलिस के आंकड़े पर गौर करें तो जिले में गुमशुदगी के आंकड़े चौंकाते हैं। जनवरी 2022 में सिविल लाइंस थाने से तीन, मझोला से सात, कटघर से दो, गलशहीद से तीन, पाकबड़ा, बिलारी व मैनाठेर से एक-एक, कुंदरकी से चार, डिलारी, भगतपुर व छजलैट से एक-एक व्यक्ति लापता हुए। फरवरी में सिविल लाइंस से एक, मझोला से 10, कटघर, गलशहीद, ठाकुरद्वारा, छजलैट से एक-एक, बिलारी से दो व कांठ से तीन लोग लापता हुए। यानि कि 20 व्यक्ति फरवरी में लापता हुए। मार्च में सिटी कोतवाली से दो, मुगलपुरा व नागफनी से एक-एक, सिविल लाइंस से तीन, मझोला से चार, गलशहीद, बिलारी व मैनाठेर थाने से एक-एक व्यक्ति लापता हुआ।

मार्च में 25 लोग की लापता होने का मामला दर्ज
ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र से दो व्यक्तियों की गुमशुदगी दर्ज की गई। कांठ से छह व छजलैट से दो के अलावा भोजपुर थाने से एक व्यक्ति की गुमशुदगी दर्ज हुई। मार्च में लापता लोगों की कुल तादाद 25 पुलिस ने दर्ज की। अप्रैल में 27 व्यक्तियों की गुमशुदगी पुलिस ने दर्ज की। सिविल लाइंस से दो, मझोला से चार, कटघर से तीन, गलशहीद से दो, पाकबड़ा से एक, मूंढापांडे व बिलारी से तीन-तीन, मैनाठेर, सोनकपुर, डिलारीव कांठ से एक-एक, ठाकुरद्वारा से तीन, भोजपुर व छजलैट से दो-दो लोगों की गुमशुदगी दर्ज हुई।

मई-जून में बढ़ी गुमशुदगी
मई व जून में गुमशुदगी के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 31 दिनों में 58 लोगों की गुमशुदगी पुलिस ने दर्ज की। इसमें नागफनी में दो, कटघर में नौ, सिविल लाइंस में छह, मझोला में 16, पाकबड़ा में दो, मूंढापांडे में दो, बिलारी में तीन, कुंदरकी में तीन, मैनाठेर में एक, ठाकुरद्वारा में दो, भोजपुर में एक, डिलारी में दो, भगतपुर में पांच, कांठ में तीन व छजलैट से एक व्यक्ति की गुमशुदगी दर्ज की गई। जबकि जून माह में कुल 64 लोगों की गुमशुदगी दर्ज हुई।

बरामदगी की तादाद गुमशुदगी से आधी
छह माह के गुमशुदा की कुल तादाद 221 के सापेक्ष महज 53 लोग ही वापस घर लौट सके। पुलिस के आंकड़े के मुताबिक जनवरी में 11 लोग घर लौटे। इसमें सिटी कोतवाली में एक, मझोला व पाकबड़ा में तीन-तीन, मूंढापांडे, बिलारी, ठाकुरद्वारा व डिलारी थाना क्षेत्र में एक-एक गुमशुदा व्यक्ति अपनों के बीच वापस लौटा। फरवरी में यह तादाद घटकर 10 रह गई। मझोला व कटघर में दो-दो गुमशुदा व्यक्ति अपनों के बीच लौटे। पाकबड़ा व बिलारी में यह तादाद एक-एक की रही। भोजपुर थाने के तीन लोग वापस लौटे। भगतपुर में यह संख्या एक तक सिमटी रही। मार्च में भी अपनों के बीच वापस लौटने वालों की संख्या दस रही। मार्च महीने में मुगलपुरा, नागफनी, बिलारी, मैनाठेर, भोजपुर, डिलारी व भगतपुर थाना क्षेत्र का एक-एक व्यक्ति वापस घर लौटा। मझोला के तीन गुमशुदा व्यक्तियों की घर वापसी हुई। अप्रैल में सिविल लाइंस, बिलारी व मैनाठेर थाना क्षेत्र के एक-एक व्यक्ति वापस लौटे। जबकि मझोला के चार, गलशहीद व पाकबड़ा के दो-दो लोगों की घर वापसी हुई। मई में 11 गुमशुदा घर लौटे।

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