हरदोई: बम-बम भोले बोलते हुए मुस्लिमों ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल

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हरदोई। बम-बम भोले बोलते हुए मुस्लिमों ने जब कांवड़ियों के ऊपर फूल बरसाए तो अल्लामा इकबाल की नजम ‘मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना’, हिंदी हैं हम, ‘वतन है हिंदोस्ता हमारा’ जेहन में गूंजने लगी। कौन बताए नफरत फैलाने वाले उन चंद लोगों को कि यही हमारे हिंदुस्तान की असली पहचान है। शहर में …

हरदोई। बम-बम भोले बोलते हुए मुस्लिमों ने जब कांवड़ियों के ऊपर फूल बरसाए तो अल्लामा इकबाल की नजम ‘मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना’, हिंदी हैं हम, ‘वतन है हिंदोस्ता हमारा’ जेहन में गूंजने लगी। कौन बताए नफरत फैलाने वाले उन चंद लोगों को कि यही हमारे हिंदुस्तान की असली पहचान है। शहर में रविवार को बाबा तुरंत नाथ मंदिर से कांवड़ियों का जत्था गंगाजल लाने के लिए रवाना हुआ।

इस दौरान एक बार फिर गंगा-जमुनी मोहब्बत देखने को मिली। भाजपा नेता आरिफ खान शानू और उनकी टीम में शामिल तमाम मुस्लिम कांवड़ियों के जत्थे के ऊपर फूल बरसा रहे थे। इतना ही नहीं मुस्लिमो की टीम उसी जत्थे में बाकायदा शामिल हुई और बम-बम भोले बोलते हुए असली हिंदुस्तान की तस्वीर पेश की। आरिफ खान शानू हर मौकों पर गंगा-जमुनी तहजीब की नींव को और मज़बूत करने में आगे रहते हैं।

रविवार को शहर में दिखाई दी इस तरह की तस्वीर इस बात की गवाही दे रही थी कि कुछ लोगों के ज़हर उगलने से आपसी मोहब्बत और भाईचारे पर कोई भी असर नहीं पड़ने वाला। कांवड़ियों के ऊपर फूल बरसाते हुए उनका ज़ोरदार इस्तकबाल करने वालो में मोहम्मद आफाक, जुबैर अहमद, हबीबुल्ला, हुसैन, आमिर, अहमद नूर व कल्लू शामिल थे।

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