बरेली: अटापट्टी जनूबी ऐसा गांव…जहां आजादी का जश्न मनाने में अफसरों का दखल

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बरेली, अमृत विचार। 75वां आजादी का महोत्सव हर्षोल्लास से मनाने के लिए सभी सरकारी विभाग तैयारी करने में जुटे हैं। इसके पीछे आजादी के उस एहसास को महसूस कराने का उद्देश्य है जो 15 अगस्त 1947 की सुबह हर भारतीय की आंखों में नजर आया था, लेकिन भोजीपुरा ब्लॉक के अटापट्टी जनूबी क्षेत्र के करीब …

बरेली, अमृत विचार। 75वां आजादी का महोत्सव हर्षोल्लास से मनाने के लिए सभी सरकारी विभाग तैयारी करने में जुटे हैं। इसके पीछे आजादी के उस एहसास को महसूस कराने का उद्देश्य है जो 15 अगस्त 1947 की सुबह हर भारतीय की आंखों में नजर आया था, लेकिन भोजीपुरा ब्लॉक के अटापट्टी जनूबी क्षेत्र के करीब 2500 लोगों को आजादी का जश्न मनाने में सिस्टम की खामियां खलल डाल रही हैं।

यहां के लोग आजादी के जश्न को टेलीविजन पर नहीं देख सकते। लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन वक्तव्य को नहीं सुन सकते जिन्हें सुनने के लिए करोड़ों लोग 15 अगस्त की सुबह टेलीविजन से चिपके रहते हैं। इसके पीछे की मुख्य वजह बिजली न होना है। यहां रहने वाले ग्रामीणों ने बिजली लाने के लिए हर दरवाजा खटखटाया, लेकिन हर दरवाजे पर निराशा के सिवा कुछ नहीं मिला।

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार, पूर्व विधायक बहोरन लाल मौर्य से लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों से कई बार ग्रामीण मिले और बिजली न होने से दिक्कतें बताईं। यहां तक कहा कि बिजली न होने से उनके बच्चे रात में पढ़ नहीं पाते। इससे उन्हें पढ़ाई में दिक्कत हो रही है। हंसापुर रेलवे फाटक से लेकर गांव तक खंभे लगाने के साथ उसमें लाइन भी खींच दी, लेकिन उसमें करंट प्रवाहित नहीं किया। ट्रांसफार्मर नहीं लगाया है।

इधर डाॅ. मिलिंद बजाज ने गांव में चिकित्सा कैंप लगाया तब ग्रामीणों ने बिजली न होने की समस्या बताई। इस पर डाॅ. मिलिंद ने सुभाषनगर के एडवोकेट सीपी अरोरा को ग्रामीणों की दिक्कतें बताई। इसके बाद सीपी अरोरा ने अटापट्ठी जनूबी गांव की समस्या को लेकर विद्युत अधिकारियों से बात की, लेकिन ठोस आश्वासन नहीं मिला। अब ग्रामीणों की समस्या को लेकर वह मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएंगे।

दो बार संतोष गंगवार लिख चुके हैं चिट्ठी, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
14 मार्च 2021 को अटापट्टी जनूबी के ग्रामीण पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार से मिले और अपनी पीड़ा बताते हुए बिजली लगवाने की मांग उठाई। इस मामले में संतोष गंगवार ने 4 सितंबर 2021 को अवर अभियंता विद्युत उप केंद्र भोजीपुरा को पत्र लिखा। जिसमें ग्राम अटापट्टी जनूबी निकट रेलवे फाटक हंसा रोड के ग्रामीणों के पत्र को भी संलग्न किया और जनहित में आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही, लेकिन विद्युत विभाग के अफसरों ने ध्यान नहीं दिया।

ग्रामीणों के फिर मामला उठाया। इस पर सांसद संतोष गंगवार ने जनहित के दृष्टिगत शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करवाने के संबंध में 17 अप्रैल को अधिशासी अभियंता ग्रामीण विद्युत वितरण खंड के लिए पत्र लिखा। बताया कि हंसा रेलवे फाटक के निकट 25 घरों में समुचित प्रकाश व्यवस्था के लिए ट्रांसफार्मर की आवश्यकता है, लेकिन बिजली व्यवस्था फिर भी नहीं पहुंची।

– गांव अटापट्टी काफी बड़ा है। गांव के रकबे में ही अटापट्टी जनूबी क्षेत्र बसा है। यहां तक बिजली लाने के लिए तमाम प्रयास किए, लेकिन बिजली नहीं आई। ग्राम पंचायत में इतना बजट है नहीं कि यहां बिजली लाने के लिए प्रयास किए जाएं। अधिकारी किसी की सुन नहीं रहे हैं—नरेश, ग्राम प्रधान अटापट्टी।

कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दी गई है, लेकिन अभी तक उसको लेकर बजट जारी नहीं हुआ है। पैसा मिलने के बाद गांव में बिजली की लाइन डालकर लोगों के घरों में बिजली दी जाएगी—अशोक कुमार चौरसिया, अधीक्षण अभियंता।

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