अयोध्या: बारिश न होने से हजारों एकड़ नहीं हो सकी धान की रोपाई, वीरान पड़ी भूमि
अयोध्या। धान का कटोरा कही जाने वाली तमसा सूख गई है, जिससे उसके आस-पास की हजारों एकड़ भूमि वीरान सी दिखने लगी है। सूखे की मार झेल रहे किसान तमसा के किनारे धान लगाने को तैयार नहीं है और धान लगाया भी कैसे जा सके काली मिट्टी में बिना तगड़ी बरसात के हल चलाना मुश्किल …
अयोध्या। धान का कटोरा कही जाने वाली तमसा सूख गई है, जिससे उसके आस-पास की हजारों एकड़ भूमि वीरान सी दिखने लगी है। सूखे की मार झेल रहे किसान तमसा के किनारे धान लगाने को तैयार नहीं है और धान लगाया भी कैसे जा सके काली मिट्टी में बिना तगड़ी बरसात के हल चलाना मुश्किल हो जाता है।
बाराबंकी जनपद के बसौढ़ी से निकलने वाली तमसा मिल्कीपुर तहसील के ओरवा, चिरकी, बकौली, अमावा, सूफी डीली, सरैया, कंदई कला व इब्राहिमपुर होते हुए बारुन तक जाती है जहां से आगे बीकापुर और गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्रों तक फैली हुई है, जिसके किनारे धान की बंपर पैदावार होती आई है। 24 जुलाई तक बरसात ना होने से तमसा नदी के किनारे के इलाके में सूखा है। विगत वर्ष नदी में आई भयंकर बाढ़ से धान की फसल नष्ट हो गई थी। अमावा सूफी ग्राम पंचायत के किसान रामगोपाल सिंह ने बताया कि उनके पास समसा के किनारे लगभग 8 एकड़ जमीन है, लेकिन उनमें धान की रोपाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि जुलाई के बाद धान की रोपाई करने से कोई फायदा नहीं है। काली मिट्टी में पानी का भराव ज्यादा होने से ट्यूबवेल या इंजन के सहारे तमसा के किनारे धान पैदा करना आसान काम नहीं है। रामनगर के निवासी किसान अवधेश सिंह की 1 एकड़ जमीन तमसा के किनारे है जिस पर धान की रोपाई नहीं की जा सकी है। उन्होंने कहा कि पेट पालना मुश्किल हो जाएगा।
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