यूपी: स्थानांतरण निरस्त करने की मांग को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों ने दिया धरना, कहा- सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं अधिकारी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में आज स्वास्थ्य कर्मियों ने स्थानांतरण नीति के विरुद्ध किए गए स्थानांतरण को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। विभिन्न जिलो में स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। इसी के तहत आज लखनऊ में भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर स्वास्थ्य कर्मियों …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में आज स्वास्थ्य कर्मियों ने स्थानांतरण नीति के विरुद्ध किए गए स्थानांतरण को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। विभिन्न जिलो में स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। इसी के तहत आज लखनऊ में भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना देकर प्रदर्शन किया है। इस दौरान अन्य विभागों के कर्मचारी नेता भी मौजूद रहे। यह धरना प्रदर्शन उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले दिया गया।

दरअसल, चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में समूह ग के कर्मचारियों के किये गये अनियमित स्थानांतरण के विरोध में आज कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया है,राजधानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना देकर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सीएमओ को सौंपा है। इस अवसर पर केजीएमयू के एक कर्मचारी परिषद ने भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मांग का समर्थन किया।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार रावत ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में शासन द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति 2022-23 के विरूद्व किये गये स्थानान्तरण को निरस्त करने की मांग करते हुए आज हम लोगों ने धरना दिया है। यदि हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो कल से सभी चिकित्सालयों में 2 घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

इस दौरान जनता को होने वाली समस्याओं के लिए स्वयं सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी यदि हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो हम उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने कहा कि स्थानांतरण नीति के विपरीत किए गए स्थानांतरण से चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के समस्त संवर्गों के कर्मचारियों में अत्यंत रोष व्याप्त है।

शासन द्वारा स्थानांतरण किए जाने की अंतिम तिथि 30 जून 2022 निर्धारित की गई थी। लेकिन स्थानांतरण सूचियां दिनांक 1 जुलाई को सायं काल के बाद 2 जुलाई 2022 को जारी की गई।

केजीएमयू के कर्मचारी परिषद एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप गंगवार ने कहा कि कर्मचारियों की मांग ना मांन कर अधिकारी यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार वह चला रहे हैं, आज के समय में अधिकारी ही हैं जो सरकार की छवि धूमिल करने का काम कर रहे हैं।

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