हिरासत में मौत का संदिग्ध मामला : केरल में पुलिस कर्मियों का सामूहिक स्थानांतरण
कोझिकोड (केरल)। केरल के कोझिकोड जिले में पिछले सप्ताह 42 वर्षीय एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत से रिहा करने के कुछ समय बाद ही हुई मौत के मामले में वडकरा पुलिस थाने के प्रभारी सहित 66 पुलिस कर्मियों का तबादल कर दिया गया है। उक्त घटना के खिलाफ लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर हुए विरोध …
कोझिकोड (केरल)। केरल के कोझिकोड जिले में पिछले सप्ताह 42 वर्षीय एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत से रिहा करने के कुछ समय बाद ही हुई मौत के मामले में वडकरा पुलिस थाने के प्रभारी सहित 66 पुलिस कर्मियों का तबादल कर दिया गया है। उक्त घटना के खिलाफ लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के अधीन कार्य कर रहे गृह विभाग ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
कोझिकोड के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) की रिपोर्ट के आधार पर कन्नूर के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) ने पूर्व में एक उपनिरीक्षक सहित तीन पुलिस कर्मियों को तय प्रक्रिया का कथित तौर पर अनुपालन नहीं करने के आरोप में निलंबित कर दिया था। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह वडकरा के नजदीक थेरुवत में पीड़ित पी.पी.सजीवन, दो अन्य लोगों के साथ कहीं जा रहा था, तभी उसकी कार दूसरे वाहन से टकरा गई, जिससे उसका विवाद हो गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया और बाद में उन्हें छोड़ दिया। सजीवन के दोस्तों ने आरोप लगाया कि वह (सीजवन) पुलिस थाने में असहज महसूस कर रहा था, इसके बावजूद पुलिस ने उनकी मदद करने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें यातना दी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी और अंतत: संजीवन की मौत हुई। हालांकि, वडकरा पुलिस थाने के अधिकारियों ने इन आरोपों से इनकार किया है। इस पूरे मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी जिला पुलिस प्रमुख से रिपोर्ट तलब की है।
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