ताइवान विवाद के बीच जो बाइडेन शी जिनपिंग से करेंगे बातचीत, इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

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वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीन के उनके समकक्ष शी चिनफिंग ताइवान को लेकर तनाव के बीच बृहस्पतिवार को बातचीत करेंगे। एक अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी। बाइडन और चिनफिंग चार महीने बाद पहली बार बातचीत करेंगे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत की कई हफ्तों से योजना बनायी जा रही थी, लेकिन …

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीन के उनके समकक्ष शी चिनफिंग ताइवान को लेकर तनाव के बीच बृहस्पतिवार को बातचीत करेंगे। एक अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी। बाइडन और चिनफिंग चार महीने बाद पहली बार बातचीत करेंगे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत की कई हफ्तों से योजना बनायी जा रही थी, लेकिन सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी और कांग्रेस के शीर्ष डेमोक्रेट की ताइवान यात्रा की संभावना ने दोनों देशों के बीच रिश्तों को और जटिल बना दिया है।

बीजिंग चेतावनी दे रहा है कि अगर पेलोसी स्वशासित ताइवान की यात्रा करती है तो वह ‘‘बलपूर्वक कदम’’ उठाएगा। बहरहाल, पेलोसी ने अभी ताइवान की यात्रा करने की योजनाओं की पुष्टि नहीं की है, लेकिन बाइडन ने पिछले सप्ताह पत्रकारों से कहा था कि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि अभी अध्यक्ष के लिए ताइवान की यात्रा करना ‘‘अच्छा विचार नहीं’’ है।

बाइडेन ने ये टिप्पणियां तब की हैं जब ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ ने पिछले सप्ताह कहा था कि पेलोसी की अगस्त में ताइवान की यात्रा करने की योजना है। पहले यह यात्रा अप्रैल में होनी थी, लेकिन उनके कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने के कारण इसे टाल दिया गया था। पेलोसी ने अपनी यात्रा पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या उनकी ताइवान जाने की योजना है, लेकिन उन्होंने कहा कि बाइडन की टिप्पणी सैन्य अधिकारियों के उस डर से उपजी है कि कहीं चीन ‘‘हमारे विमान को न मार गिराए या कुछ ऐसा न कर दे।’’

पेलोसी ने कहा, ‘‘हमारे लिए ताइवान के प्रति समर्थन दिखाना महत्वपूर्ण है। जब भी ताइवान की बात आती है तो हमलोगों से किसी ने कभी नहीं कहा कि हम आजादी की बात कर रहे हैं। इसका फैसला ताइवान को करना है।’’ प्रशासन के अधिकारियों ने निजी तौर पर पेलोसी से कहा है कि ताइवान की यात्रा करने से संवदेनशील यथास्थिति बिगड़ सकती है। वहीं, चीनी अधिकारियों का कहना है कि पेलोसी की यात्रा को अमेरिका की नीति में बदलाव के तौर पर देखा जाएगा और इसे उकसावा माना जाएगा।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, ‘‘अगर अमेरिका अपने रास्ते पर चलते रहने पर जोर देता है तो चीन इसका बलपूर्वक जवाब देगा और हम जो कहते हैं वही करेंगे।’’ बाइडन और शी के बीच मुलाकात में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम, यूक्रेन में रूस के युद्ध पर वाशिंगटन और बीजिंग के बीच मतभेदों, ईरान परमाणु समझौते को फिर से बहाल करने की बाइडन प्रशासन की कोशिशों और ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन पर लगाए कड़े करों की अमेरिकी सरकार की समीक्षा की स्थिति पर भी चर्चा हो सकती है।

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