पीलीभीत: अब चौकी इंचार्ज का सफेद झूठ, आख्या लगाने से मुकरे
पीलीभीत/माधोटांडा, अमृत विचार। युवक को बंधक बनाकर मारपीट और दरांती से बाल काटने के मामले में फर्जी आख्या लगाने के आरोप लगे तो चौकी इंचार्ज ने सफेद झूठ बोलना शुरू कर दिया। खुद की लगाई आख्या से ही मुकर गए। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से जांच किए जाने की बात कहकर बचाव करते नजर आए। …
पीलीभीत/माधोटांडा, अमृत विचार। युवक को बंधक बनाकर मारपीट और दरांती से बाल काटने के मामले में फर्जी आख्या लगाने के आरोप लगे तो चौकी इंचार्ज ने सफेद झूठ बोलना शुरू कर दिया। खुद की लगाई आख्या से ही मुकर गए। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से जांच किए जाने की बात कहकर बचाव करते नजर आए। जबकि उनकी ओर से लगाई गई आख्या भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। उधर, शिकायतकर्ता का कहना है कि न्याय पाने के लिए वह अंत तक प्रयास करेंगे।
माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव मटैया लालपुर के निवासी मिल्टन बडल ने बीते दिनों डीआईजी लोक शिकायत से शिकायत की थी। जिसमें बताया था कि पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोग उसे घर से अगवा करके एक गोदाम में ले गए थे। फिर चारपाई से बांधकर मारपीट की गई थी। दरांती से उसके सिर के बाल काटने के आरोप थे। एसपी से शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी थी। रमनगरा चौकी इंचार्ज पर फर्जी आख्या लगाने का आरोप था।
इस मामले में अब चौकी इंचार्ज खुद को घिरता देख अपनी ही आख्या से पलटते दिखाई दिए। अफसरों ने जब उनका जवाब तलब किया तो उन्होंने सीओ पूरनपुर द्वारा जांच करने की बात कह दी। उनका कहना था कि इस मामले में पूरनपुर सीओ जांच करने आए थे। उन्हीं के द्वारा जांच आख्या तैयार की गई है।
सीओ ने ही ग्रामीणों के बयान लिए थे। यह भी कहा कि उस वक्त शिकायतकर्ता भी था, लेकिन वह चला गया था। मगर, दरोगा की इस बात पर सवाल उस वक्त उठ गए जब उनके द्वारा ही लगाई गई आख्या सामने आ गई है। इसके बाद और फजीहत हो गई। अब वह दो अलग-अलग जांच होने का हवाला देते नजर आए।
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