हरदोई: पटल आवंटन में हुआ खेल! अधिकारियों में दिखी नाराजगी
हरदोई। सीएमओ दफ्तर तो खेल करने में माहिर हो चुका है। पहले शासनादेश को किनारे लगाते हुए तबादले किए जाना, उसके बाद बाबुओं को पटल आवंटित करने में किसी को ज़ीरो रखना और किसी को हीरो बनाया जाना, नाराजगी का सबब बनता जा रहा है। अंदरखाने से पता चला है कि इस खेल में भी …
हरदोई। सीएमओ दफ्तर तो खेल करने में माहिर हो चुका है। पहले शासनादेश को किनारे लगाते हुए तबादले किए जाना, उसके बाद बाबुओं को पटल आवंटित करने में किसी को ज़ीरो रखना और किसी को हीरो बनाया जाना, नाराजगी का सबब बनता जा रहा है। अंदरखाने से पता चला है कि इस खेल में भी उन्ही बाबू की सबसे ज़्यादा चली , तबादला कराने में जिनका हाथ रहा था। उन्ही बाबू ने अपने शातिरपन का सबूत देते हुए एक तिहाई पटल अपने नाम आवंटित कराए और बचे-खुचे पटल दूसरे बाबुओं को आवंटित किए गए।
बताते चलें कि सीएमओ दफ्तर में शासनादेश से अलग हट कर किए गए तबादलों का मामला काफी सुर्खियों में रहा था। उसके बाद तत्कालीन सीएमओ के जाते-जाते उनके हाथ से बाबुओं का पटल आवंटन कराने की पोल खुली है। यहां के वरिष्ठ सहायक केके त्रिपाठी ने जिस तरह से साहब को अपना मातहत मान कर तबादले में खेल किया,उसी तरह पटल आवंटन में भी अपना ही सिक्का चलाया। बात करते पटल आवंटन की, तो देखिए इसमें किस तरह का खुल्लम-खुल्ला खेल किया गया है।
नमन अग्रवाल-वार्षिक आय व बजट तैयार करना, अंतरिम लेखा परीक्षा विभाग परीक्षा एवं महालेखाकार संप्रेक्षण प्रस्ताव का निस्तारण व परिपालन कराया जाना, सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों की सेवा पुस्तिका पेंशन पर पत्रों जीपीएफ जीआईएस अवकाश नकदीकरण एवं एनपीएस आदि सहित अन्य समस्त सेवानिवृत्त देयो संबंधी कार्य निष्प्रयोजन सामग्री भंडार समय के निस्तारण हेतु नीलामी से संबंधित पत्रावली प्रकरणों का परीक्षण करना,जीपीएस पासबुक,एनपीएस लेजर पासबुक की वार्षिक लेखा बंदी परीक्षण आयकर जीएसटी से संबंधित कार्य उपरोक्त सभी आवंटन कार्य।
गिरजेश-उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रथम कार्यालय का कार्य, नेत्र परीक्षण अधिकारी, स्थापना जन्म-मृत्यु पंजीकरण,आरबीएसके आरकेएस के अंधता निवारण कार्यक्रम, आईडीएसपी चैप्टर वन एवं मलेरिया अधिष्ठान का कार्य।
सुरेंद्र यादव-एएनएम एमएमएसएचआई,कुष्ठ स्थापना, दिव्यांगजन, सीएचसी टड़ियावां, का लेखा कार्य ,डेंटल हाइजीनिस्ट एवं टीबी यूनिट,मलेरिया एवं फाइलेरिया यूनिट स्थापना डीआरए स्थापना, विभिन्न स्तर से प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण।
संजूलता -वाहन संबंधी कार्य, एचएस की स्थापना एनसीडीआरसीएच।
कुंदन-डिस्पैच डायरी, एक्स-रे, टेक्निशियन स्टाफ नर्स ईसीजी टेक्निशियन, सहायक शोध अधिकारी एवं एमपीडब्ल्यू स्थापना संबंधी कार्य एवं एचआईओ एआरओ,बीएसडब्ल्यू ईसीजी टेक्निशियन.
केके त्रिपाठी-चिकित्सा अधिकारी फार्मासिस्ट स्थापना, कोविड ड्यूटी कोविड-19 कार्य, राज्य वित्त आयोग, विधायक/सांसद निधि लेखा कार्य, सीएमएसडी स्टोर, कार्य एजेंसी लेखन छपाई सामग्री,कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आकस्मिक अवकाश, उपस्थित पंजिका का रखरखाव,जेम पोर्टल संबंधी कार्य, कंट्रोल रूम ड्यूटी लगाना,राज्य बजट के अंतर्गत संविदा एवं आउटसोर्सिंग, मानव संसाधन का कार्य एएनएम, एचडी स्थापना शाहाबाद, बिलग्राम और सण्डीला के सभी प्रकार के बीजको का परीक्षण करना, तथा संप्रेक्षण में प्रस्ताव के निस्तारण में वांछित सहयोग प्रदान करना, समय से निस्तारण कराना,चिकित्सा प्रतिमूर्ति लिपिक संवर्ग स्थापना, जिला योजना से संबंधित कार्य, सभी तरह के अचल संपत्तियों के अभिलेखों का रखरखाव, भूमि अधिग्रहण का अनुसरण संबंधी कार्य, आईजीआरएस ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण का कार्य, कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सभी प्रकार के एजेंसी बिल तैयार करना एवं रखरखाव बजट नियंत्रण संबंधी कार्य कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी के वेतन यात्रा भत्ता सेवानिवृत्ति आदि को तैयार तथा रखरखाव संबंधी कारणों का रखरखाव तहसील हरदोई सभी प्रकार के पास कार्यालय के जीपीएफ एवं सेवा पुस्तिका को समय से प्रवेश टिकट,कैशबुक का रखरखाव, के कर्मचारियों के वेतन वृद्धि एवं एसीपी संबंधी कार्य जनपद के सभी सेवानिवृत्त वादो, जीएस बजट बजट अनुमान एवं बजट प्रतिभूतियों का रखरखाव, कोर्ट प्रतिभूतियों का रखरखाव, कोर्ट केस लोक सेवा समिति विधान सभा-विधान परिषद/ लोकसभा विधानसभा प्रश्नों का उत्तर अस्पताल अतिरिक्त कार्य योजना का कार्य।
किनारे किए गए प्रधान सहायक !
सीएमओ दफ्तर के प्रधान सहायक कुलदीप जौहरी को नजरअंदाज किया गया। उन्हें टीबी क्लीनिक में भेजकर उनके सारे दायित्वों को वरिष्ठ सहायक केके त्रिपाठी ने अपने हाथों में ले रखा है। इसके अलावा कुछ और बाबू का नाम आया है जिन्हें सिर्फ नाम को बाबू बनाया गया है। इनमें कुछ को तो बहुत कुछ मिला, और कुछ को बस नाम के पटल दिए गए। इनमें अमित ,शुभम, सुनील कुमार सैनी, जितेंद्र, शिव शंकर यादव ,अशोक कुमार चौधरी ,राजेश कुमार, हरिनाथ ,अनूप कुमार ,संजीत गौतम और सुशील कुमार मणि त्रिपाठी शामिल है।
बाबू की बहुमत वाली सरकार
वरिष्ठ सहायक केके त्रिपाठी ने सीएमओ दफ्तर में दो तिहाई बहुमत हासिल कर बहुमत से अपनी सरकार बना ली। इन्होंने भी वहीं रंग अख्तियार किया जो सियासत से जुड़े लोग अख्तियार करते रहते हैं। अक्सर देखा गया है कि जो बहुमत में होता है,वह स्याह करें या सफेद,कोई कुछ नहीं कर सकता। ऐसा ही केके त्रिपाठी ने भी किया। इसी तरह की बातें चर्चाओं में छिड़ी हुई है।
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