बरेली: मन में संसार नहीं श्रीराम को बसाना चाहिए- हेमलता शास्त्री
बरेली, अमृत विचार। श्री रामायण मंदिर में चल रही रामकथा के छठे दिन हेमलता शास्त्री ने कहा कि संसार में ऐसे रहें, जैसे कमल का पुष्प जल में रहता है। मन में संसार नहीं श्रीराम को रखना चाहिए। हमारी आयु प्रति क्षण बीत रही है, वेदों में कहा गया है कि शतवर्ष तक आलस्य का …
बरेली, अमृत विचार। श्री रामायण मंदिर में चल रही रामकथा के छठे दिन हेमलता शास्त्री ने कहा कि संसार में ऐसे रहें, जैसे कमल का पुष्प जल में रहता है। मन में संसार नहीं श्रीराम को रखना चाहिए। हमारी आयु प्रति क्षण बीत रही है, वेदों में कहा गया है कि शतवर्ष तक आलस्य का त्याग कर पूर्ण कर्मठता से सत्कर्म करते हुए जीना चाहिए । अपने सारे कार्य ईश्वर को समर्पित करने चाहिए। यही गीता में भी वर्णित है।
उन्होंने कहा कि श्रीराम चौदह वर्ष तक वनवास काल में रामराज्य की स्थापना के लिए कष्ट उठाकर भी वनों में भ्रमण करते रहे। वन गमन में राक्षसों का विनाश ,वनवासी और भील जातियों का उद्धार किया। उनका उद्देश्य कंदराओं और वनों में बैठे ऋषि-मुनियों को दर्शन देकर उनका तप सार्थक करना था। इस दौरान भजना संध्या की मंत्रमुग्ध करने वाली रसधार भी बही। बृजलाल ,पवन ,दीपक ,योगेश अरोड़ा ,मुकेश, चंद्र पाल ,अचार्य मनीष भारद्वाज व भजन गायक जगदीश भाटिया आदि मौजूद रहे।
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