मेरठ : शादी का झांसा देकर 250 से ज्यादा लड़कों को लूटा.. जानें पूरा मामला
मेरठ। जिले में शादी करने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले एक गैंग का पर्दाफाश कर पुलिस ने 9 युवतियों के साथ 6 युवकों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि इस गिरोह ने तकरीबन 250 से ज्यादा लोगों से शादी के नाम पर ठगी की है। हालांकि, पुलिस की गिरफ्त में आए सभी …
मेरठ। जिले में शादी करने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले एक गैंग का पर्दाफाश कर पुलिस ने 9 युवतियों के साथ 6 युवकों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि इस गिरोह ने तकरीबन 250 से ज्यादा लोगों से शादी के नाम पर ठगी की है। हालांकि, पुलिस की गिरफ्त में आए सभी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस सम्बन्ध में एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि दिल्ली निवासी अमित ने पुलिस से शिकायत की थी। अमित के अलावा शहादरा निवासी मनोज माथुर, लवकेश मामला दर्ज कराया था।
बता दें कि जालसाज रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर साढ़े आठ हजार रुपये वसूलते थे। जिसके बाद निर्धारित तिथि लड़की दिखाई जाती थी। ठगी के बाद दूसरे लड़के या परिवार को झांसा देते थे। ठगी का खेल बदस्तूर जारी था। एसएसपी के आदेश पर जालसाज डिंपल और नीरज गर्ग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छापा मारा गया है।” बता दे कि जालसाजों ने गोपाल प्लाजा मेडिकल में विवाह पजींकरण केंद्र के नाम से दफ्तर खोला था।
इस आफिस में पूरा गिरोह जुड़ा था। आपको बताते चलें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मदद से जालसाज अपने कारोबार को फैलाते थे। उनकी पोस्ट देखकर मेरठ के अलावा बुलंदशहर, गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा समेत अन्य राज्यों के शादी के लिए इच्छुक जुडते थे। पहले तो मोबाइल पर संपर्क कर उन्हें आफिस बुलाया जाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर 8500 रुपए लिए जाते थे।
पुलिस की मानें तो इन जालसाजों को पकड़ना इतना आसानी नहीं था। जालसाज पहले रजिस्ट्रेशन कराते थे। लड़की दिखाने के बाद जालसाज लड़की के परिजनों से मिलने की तारीख निर्धािरत करते थे। फिर शादी के लिए इच्छुक लड़के और उसके परिवार को बुलाया जाता था। उसी दिन ऑफिस में ही काम करने वाली किसी लड़की को तैयार करवाकर उसको लड़के से मिलवाया जाता था।
इसके बाद लड़की के साथ ऑफिस की ही किसी अन्स महिला या पुरूष साथी को उसके अभिभावक के तौर पर लड़के पक्ष से मेलजोल कराया जाता। इसके बाद दोनों पक्ष एक दूसरे से बातचीत करते और एक-दूसरे का नंबर लेते थे। फिर इस खेल में लड़की को उतार दिया जाता। वह साजिश के तहत लड़के से कॉल पर बात करने लग जाती थी इसी बीच लड़की अपनी आवश्यकता या फिर बीमारी का हवाला देकर धोखाधड़ी से रुपये वसूलने लगी। 15 से 20 दिन बाद लड़की लकड़े से बातचीत करना बंद कर नंबर बदल देती। इसके बाद, फिर से नए ग्राहक की तलाश शुरू कर देती थीं।
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