बरेली: बंदरों के आतंक से निपटने के लिए शहर में छोड़े गए लंगूर
बरेली, अमृत विचार। जिले में इन दिनों बंदरों ने आतंक मचा रखा है। बंदरों के हमले से फतेहगंज पश्चिमी में तीन महीने की बच्ची की जान तक जा चुकी है। बंदरों के खौफ से लोग डरे सहमे हैं। शहर में तो लोगों ने छतों तक पर जाना बंद कर दिया है। हांलाकि नगर निगम ने बंदरों …
बरेली, अमृत विचार। जिले में इन दिनों बंदरों ने आतंक मचा रखा है। बंदरों के हमले से फतेहगंज पश्चिमी में तीन महीने की बच्ची की जान तक जा चुकी है। बंदरों के खौफ से लोग डरे सहमे हैं। शहर में तो लोगों ने छतों तक पर जाना बंद कर दिया है। हांलाकि नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए संस्था को ठेका भी दिया है। कुछ कालोनियों में लोगों ने सुरक्षा की दृष्टि से लंगूरों को भी छुड़वा दिया है। बरेली कॉलेज में भी बंदरों ने आतंक मचा रखा था। कालेज में भी दो लंगूर बंदरों को छोड़ा गया है। नगर निगम तीन तारीख के बाद बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाएगा।
शहर के कई वार्ड में बंदरों की भरमार हो गई है। हालात यह हैं कि अगर यह लोग अपना कुछ भी सामान कमरे से बाहर रखते हैं। जिसे बंदर उठा कर ले जाते हैं। यही नहीं अब यह बंदर खूंखार हो गए हैं। उनके आतंक से गांव से लेकर शहर तक दहशत का माहौल है। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद नगर निगम ने सौ बंदरों को पकड़ने का ठेका दे दिया है। जिसमें इन बंदरों को पकड़ने के बाद डॉक्टरी परीक्षण के बाद ही इन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा। डॉक्टर न होने के कारण शहर में तीन अगस्त से बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
सौ लंगूर बंदरों को लेकर शहर में छोड़गा बंदरों को भगाने के लिए
जिन बंदरों ने शहर में उत्पात मचाया है। ये बंदर लंगूर बंदर से डरते हैं। जिसको लेकर नगर निगम सौ बंदरों को किराए पर लेकर छोड़ने की योजना बना रहा है। लेकिन उसे लंगूर बंदर नहीं मिल पा रहे हैं।
एक साथ पकड़ा जाएगा झुंड को
नगर निगम को वन विभाग ने सौ बंदरों को पकड़ने की एनओसी दे दी है। लेकिन उसने अपनी कुछ शर्त भी रखी है। जैसे बंदरों को उनके झुंड के साथ पकड़ा जाएगा। साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण होने के बाद ही झुंड समेत सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
तीन अगस्त से शहर में बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। वन विभाग से स्वीकृति मिल चुकी है। लेकिन डॉक्टर के छुट्टी पर जाने के कारण अभियान शुरू नहीं हो सका है।-डॉक्टर अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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